राऊज एवेन्यु कोर्ट ने 40,000 हजार करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले कथित आरोपी रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड (आरकॉम) के पूर्व निदेशक पुनीत नरेंद्र गर्ग के खिलाफ दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया है. ईडी ने पुनीत नरेंद्र गर्ग के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था.
कोर्ट ने मामले में आरोप तय करने पर बहस के लिए 4 जुलाई की तारीख तय किया है. वही कोर्ट ने पुनीत नरेंद्र गर्ग की ओर से दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. इससे पहले गर्ग की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका को अप्रैल में खारिज कर दिया था. गर्ग ने मेडिकल ग्राउंड पर जमानत की मांग की थी.
मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत दाखिल चार्जशीट में रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड (आरकॉम) के पूर्व निदेशक पुनीत गर्ग को आरोपी बनाया गया है. ईडी ने सीबीआई की एफआईआर के आधार पर ईसीआईआर दर्ज करने के बाद 29 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था.
ईडी के मुताबिक यह मामला बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं, बैंक लोन के दुरुपयोग और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है. ईडी रिमांड के दौरान पुनीत गर्ग से पूछताछ कर कथित लेन-देन, कंपनियों की भूमिका और अन्य आरोपियों की संलिप्तता की जांच करेगी.
रिमांड अर्जी पर सुनवाई के दौरान ईडी ने कोर्ट को बताया था कि रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम) के पूर्व अध्यक्ष और निदेशक गर्ग को आरकॉम और उसकी समूह संस्थाओं द्वारा कथित तौर पर 40,000 करोड़ से अधिक के बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी एक चल रही जांच के मामले में गिरफ्तार किया गया है. पुनीत गर्ग रिलायंस कम्युनिकेशन में लंबे समय तक डायरेक्टर और प्रेसिडेंट जैसे बड़े पदों पर रहे. ईडी के अनुसार गर्ग 2001 से 2025 तक कंपनी में सक्रिय रहे. इस अवधि के दौरान बैंक धोखाधड़ी से मिले पैसों को छिपाने, ठिकाने लगाने और उनकी लेयरिंग करने में अहम भूमिका निभाई है.
गर्ग को इस बात की पूरी जानकारी थी कि बैंक से मिले पैसे को कहां और कैसे डायवर्ट किया जा रहा है. ईडी ने बताया था कि कथित तौर पर धन की हेराफेरी की गई धनराशि को आरकॉम की कई विदेशी सहायक कंपनियों और अपतटीय संस्थाओं के माध्यम से मोड़ दिया गया था. ईडी ने कोर्ट को बताया था आरकॉम के अध्यक्ष के रूप में गर्ग 2006 से 2013 के बीच कंपनी के वैश्विक उद्यम व्यवसाय का प्रबंधन कर रहे थे. उन्होंने 2014 से 2017 तक अध्यक्ष (नियामक मामलों) के रूप में भी कार्य किया.
ईडी ने कोर्ट को यह भी बताया था कि उसने गर्ग की पत्नी के नाम पर मौजूद शेयर और म्युचुअल फंड को जब्त कर लिया गया है. यह गिरफ्तारी 21 अगस्त 2025 को दर्ज सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई जांच के बाद हुई है, जिसमें आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), आईपीसी की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) और आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत अपराधों के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधान भी शामिल है.
ये भी पढ़ें: ट्रांसजेंडर संशोधन अधिनियम 2026 पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम; 4 राज्यों के हाई कोर्ट्स की सुनवाई पर लगाई रोक
Antaragni 2026 IIT Kanpur Bharat Express: IIT कानपुर में 29 अक्टूबर से 1 नवंबर तक…
इमरान खान को FRRO द्वारा भारत छोड़ने का नोटिस मिलने के बाद मामला बॉम्बे हाईकोर्ट…
Lieutenant Governor Dr Dinesh Sharma Andaman tourism festival: अंडमान-निकोबार के LG डॉ. दिनेश शर्मा ने…
Indian Defence Deals: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई DAC बैठक में भारतीय…
Donald Trump Global Influence: डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले दो वर्षों में आठ देशों के चुनावों…
गाजियाबाद के सनसिटी में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित महानाट्य 'जाणता राजा' के…