दिल्ली हाई कोर्ट से रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) अशोक कुमार पाल को राहत मिल गई है. कोर्ट ने अशोक पाल को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी है. दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि इस चरण पर साक्ष्यों की गहराई से जांच करना उचित नहीं है, लेकिन ईडी द्वारा प्रस्तुत सामग्री को पूरी तरह नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता. अदालत ने कहा कि वह यह नहीं कह सकता कि आरोपी अपराध का दोषी नहीं है, इसलिए पीएमएलए की धारा 45 में निर्धारित ट्विन कंडीशंस (Twin Conditions) पूरी नहीं होतीं.
ईडी की ओर से पेश वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि जांच में मिले दस्तावेजों, व्हाट्सएप चैट, ईमेल और पीएमएलए के तहत दर्ज बयानों से प्रथम दृष्टया अशोक पाल की भूमिका सामने आई है. ईडी के मुताबिक उन्होंने बैंक गारंटी से जुड़े समझौतों और पत्राचार में सक्रिय भूमिका निभाई थी तथा जांच में मिले इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी उनके खिलाफ जाते हैं.
मामले की सुनवाई के दौरान अशोक कुमार पाल की ओर से पेश वकील ने कहा कि वे स्वयं इस कथित धोखाधड़ी के शिकार हैं, क्योंकि उन्होंने ही सबसे पहले शिकायत दर्ज कराई थी. उनका यह भी कहना था कि उन्हें किसी फर्जीवाड़े की जानकारी नहीं थी. उन्होंने यह भी कहा था कि वे आठ महीने से अधिक समय से जेल में हैं और मुकदमे के जल्द पूरा होने की संभावना नहीं है.
अशोक पाल को 68 करोड़ रुपए की कथित बैंक गारंटी से संबंधित मामले में लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने गिरफ्तार किया था. अशोक पाल की यह गिरफ्तारी 2024 में हुई एक एफआईआर के आधार पर की गई है, जिसमें सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) को फर्जी गारंटी दी गई थी. इसके अलावा अशोक पाल पर करोड़ों रुपए के फर्जी ट्रांसपोर्ट बिलों के जरिए धन निकालने का भी आरोप है.
अशोक कुमार पाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरिहरन ने कोर्ट को बताया था कि अगस्त 2025 में ईडी ने पाल को पूछताछ के लिए बुलाया, जिसमें उन्होंने पूरा सहयोग किया और उनका बयान भी दर्ज किया गया. बाद में अक्टूबर 2025 में एक और समन जारी किया गया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं. उन्होंने यह भी बताया कि गिरफ्तारी के बाद सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल हो चुकी है. उन्होंने यह भी कहा था कि पाल को व्हाट्सएप चैट के आधार पर गिरफ्तार किया गया है.
वहीं ईडी की ओर से पेश वकील जोहेब हुसैन ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि फर्जी बैंक गारंटी का इस्तेमाल करने का प्रयास भी पीएमएलए के तहत अपराध है और इस मामले में ईडी के अधिकार क्षेत्र पर सवाल नहीं उठाया जा सकता है. हाल ही में ईडी ने अनिल अंबानी को भी पूछताछ के लिए बुलाया था. ईडी के मुताबिक RHFL और RCFL की ओर से 12,524 करोड़ रुपये के लोन दिए गए.
ये भी पढ़ें: TMC में इस्तीफों की सुनामी, सुखेंदु-सुष्मिता के बाद प्रकाश चिक बराइक ने छोड़ा साथ
इनमें से ज्यादातर लोन रिलायंस अनिल अंबानी की कंपनी को दिया गया. इनमें से 6,931 करोड़ रुपए का लोन नॉन परफॉर्मिंग असेट्स (NPA) घोषित किया गया है. दरअसल रिलायंस पावर लिमिटेड एक सूचीबद्ध (लिस्टेड) कंपनी है और इसमें 75 फीसदी से अधिक की हिस्सेदारी सार्वजनिक निवेशकों की है. कंपनी के बोर्ड प्रस्ताव के तहत अशोक कुमार पाल को टेंडर से जुड़े सभी दस्तावेजों को अंतिम रूप देने, स्वीकृत करने और हस्ताक्षर करने का अधिकार दिया गया था.
Kark Rashifal: कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक मामलों में लाभ…
Singh Rashi Aaj Ka Rashifal: सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन कामकाज…
Tula Rashi Aaj Ka Rashifal: तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन करियर…
Makar Rashi Aaj Ka Rashifal: मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन कामकाज…
Kumbh Rashi Aaj Ka Rashifal: कुंभ राशि के जातकों के लिए आज आर्थिक मामलों में…
Aaj Ka Rashifal: 25 सितंबर को चंद्रमा कुंभ राशि में रहेगा और शतभिषा के बाद…