लीगल

दिल्ली हाईकोर्ट में सेलेबी केस: राष्ट्रीय सुरक्षा पर बहस के बाद फैसला सुरक्षित, केंद्र और कंपनी को सोमवार तक लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश

टर्की की एविएशन कंपनी सेलेबी की ओर से दायर याचिका पर सभी पक्षों की जिरह के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. जस्टिस सचिव दत्ता की कोर्ट ने दोनों पक्षों को सोमवार तक लिखित दलीलें दाखिल करने को कहा है. केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने पक्ष रखा.

पिछली सुनवाई के दौरान जस्टिस सचिन दत्ता ने कहा था कि अगर नोटिस जारी किया गया तो राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरे की आशंका वास्तविक हो सकती है. वही केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि अगर नोटिस का जवाब दिया गया तो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए और बड़ा खतरा हो सकता है. एसजी ने कहा था कि याचिकाकर्ता एयर कार्गो और हैंडलिंग से जुड़े हैं. ऐसे लोग एयरक्राफ्ट और एयरपोर्ट के कोने कोने से वाकिफ है.

याचिकाकर्ता की ओर से रोहतगी का तर्क

एसजी ने कहा था कि यात्री का सामान और कार्गो अलग नहीं हैं, सभी विमान पैसेंजर कम कार्गो होते है. यह विषय नागरिक उड्डयन और राष्ट्रीय सुरक्षा व संप्रभुता से जुड़ा है. एसजी ने मंत्रालय का पत्र कोर्ट को दिखाया था जिसमें लिखा हुआ है कि सुरक्षा मंजूरी रद्द करने का अधिकार आरक्षित है और इसके लिए कोई कारण बताना आवश्यक नही है.

उन्होंने कहा था कि दुश्मन 10 बार कोशिश करेगा और एक बार सफल हो सकता है, लेकिन देश को हर बार सफल होना है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र से पूछा था कि कौन सा कानूनी प्रावधान इसे समर्थन देता है.

कोर्ट ने कहा था कि वह इस मामले को कानूनी पहलुओं को देखेगा. वही याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा था कि सार्वजनिक धारणा के आधार पर रोजगार नहीं छीना जा सकता. हम कोई असामाजिक कंपनी नहीं हैं. उन्होंने कहा था कि किसी कारण का उल्लेख नहीं किया गया है, कोई सुनवाई का मौका नही दिया गया. ऐसा लग रहा है कि यह कदम केवल इसलिए उठाया गया क्योंकि कंपनी की शेयर होल्डिंग तुर्की नागरिकों के पास है.

17 वर्षों का भरोसा एक झटके में खत्म

उन्होंने यह भी कहा था कि यह कंपनी पिछले 17 साल से भारत में काम कर रही हैं. बता दें कि सरकार ने कंपनी की सुरक्षा मंजूरी को रद्द कर दिया था. कंपनी ने याचिका में कहा है कि सरकार का यह फैसला अस्पष्ट राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के आधार पर लिया गया है, जिसमें कोई ठोस कारण नही बताया गया है.

कंपनी ने याचिका में यह भी कहा है कि यह निर्णय 3,791 नौकरियों और निवेशकों के विश्वास को प्रभावित करेगा और कंपनी को बिना कोई चेतावनी दिए अचानक लिया गया. याचिका में यह भी कहा गया है कि सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देना, बिना यह बताए हुए कि किस प्रकार से कोई संस्था राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, कानूनन टिकाऊ नहीं है.

ये भी पढ़ें: दिल्ली दंगे: कोर्ट ने चार मामलों में 30 लोगों को बरी किया, पुलिस आरोप साबित करने में नाकाम

-भारत एक्सप्रेस 

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

दिवाली से पहले पुलिसकर्मियों को सीएम योगी का बड़ा तोहफा, बढ़े यूनिफॉर्म और मोटरसाइकिल भत्ते; विपक्ष पर भी साधा निशाना

UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में यूपी पुलिस को बड़ा…

30 minutes ago

टाइगर पर हमले से पहले किन सितारों पर थी शूटरों की नजर? जानिए किसके पास कैसी है सुरक्षा

Bollywood Celebs Security: टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है.…

47 minutes ago

WhatsApp में आने वाला है नया बदलाव, स्क्रॉल करते ही अपने आप छोटा हो जाएगा नेविगेशन बार

WhatsApp Android यूजर्स के लिए एक नए फीचर पर काम कर रहा है. इस अपडेट…

1 hour ago

गोरखपुर में दुर्गा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, हाईटेंशन तार की चपेट में आए लोग; 3 की मौत, 7 झुलसे

UP News: गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली हाईटेंशन तार…

2 hours ago

किडनी की बीमारी से बढ़ सकता है हार्ट डिजीज का खतरा, जानें कैसे पड़ता है दिल पर असर

Kidney Disease and Heart Disease: क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) के कारण हाई ब्लड प्रेशर, शरीर…

2 hours ago

7 दिन बाद मिली राहत, तिहाड़ जेल से रिहा होंगे CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका

CJP Leaders Released: CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को SEM कोर्ट से बड़ी…

2 hours ago