लीगल

श्रावंती ग्रुप परED का शिकंजा: प्रमोटर डीवी राव समेत तीन गिरफ्तार, 284 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए श्रावंती ग्रुप (Sravanthi Group) के प्रमोटर डी. वी. राव, उनके भाई डी. अरविंद कुमार और डी. शांति किरण को गिरफ्तार कर लिया है. इन पर लगभग 284 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है. गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 12 मई तक के लिए ईडी की रिमांड पर भेज दिया गया है.

RTGS और शेल कंपनियों का खेल

जांच में सामने आया है कि यह पूरा मामला बैंक धोखाधड़ी और आरटीजीएस (RTGS) सिस्टम के दुरुपयोग से जुड़ा है, जिसकी शुरुआत गुरुग्राम के सेक्टर-40 थाने में दर्ज एफआईआर से हुई थी. डी. वी. राव के नियंत्रण वाली ‘डीजेडब्ल्यू इलेक्ट्रॉनिक पावर प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड’ ने फर्जी तरीके से करीब 58 करोड़ रुपये का लोन लिया.

कंपनी रिकॉर्ड में लोन चुकाना दिखाया गया, लेकिन आरटीजीएस के जरिए पैसा असली कर्जदाताओं के बजाय कोलकाता की फर्जी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया. श्रावंती एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (SEPL) के जरिए हर महीने 75 लाख रुपये फर्जी कंसल्टेंसी के नाम पर एक शेल कंपनी को भेजे गए, जिससे कुल 89.36 करोड़ रुपये की हेराफेरी हुई. 100 से अधिक शेल कंपनियों के जरिए 139 करोड़ रुपये की फर्जी खरीद दिखाकर धन को वापस कैश में हासिल किया गया.

बैंकों को 1500 करोड़ का नुकसान

ईडी की जांच के अनुसार, डी. वी. राव की गतिविधियों के कारण कंपनी भारी कर्ज में डूबी और बैंकों को 1500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ. हैरानी की बात यह है कि जब कंपनी गहरे आर्थिक संकट में थी, उस दौरान भी राव अपने निजी लाभ के लिए लगातार धन निकाल रहे थे.

जब्ती और संपत्तियों की कुर्की

आभूषण और गाड़ियां: छापेमारी में करीब 5 करोड़ रुपये के सोने-हीरे के आभूषण और कई लग्जरी गाड़ियां जब्त की गईं.

संपत्ति अटैच: आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में फैले आलीशान मकानों और सैकड़ों एकड़ जमीन सहित कुल 24 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की गई हैं.

कैश बरामदगी: डी. अरविंद कुमार के यहाँ से छापेमारी के दौरान 1 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए.

ये भी पढ़ें: कैडर वाली पार्टी में दलबदलू! सिर्फ ‘शुभेंदु’ नहीं… RJD, कांग्रेस और TMC से आए इन 5 नेताओं को भी BJP ने बनाया मुख्यमंत्री

जांच में बाधा और गिरफ्तारी

डी. वी. राव को कई बार समन जारी किए गए थे, लेकिन वे जांच में शामिल नहीं हुए और फरार रहे, जिसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था. उनके भाई अरविंद कुमार पर भी जांच को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप है.

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

‘17% आबादी, 3% से कम उत्सर्जन… फिर भी निशाना भारत?’ जानिए बर्लिन में क्यों भड़के पीयूष गोयल

Piyush Goyal Berlin Speech: जर्मनी के बर्लिन में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कार्बन उत्सर्जन…

20 minutes ago

भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद भी क्यों बढ़ी टीम मैनेजमेंट की चिंता? IND vs NZ मैच में खुली पोल

IND vs NZ: भारत ने न्यूजीलैंड के 226 रन के लक्ष्य को हासिल कर जीत…

42 minutes ago

बिहार STET अभ्यर्थियों के लिए बड़ा झटका! 4 नवंबर की परीक्षा को लेकर BSEB ने लिया बड़ा फैसला

Bihar STET 2026: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने 4 नवंबर को होने वाली STET…

46 minutes ago

भारत के पड़ोसियों पर भूकंप का कहर…! तिब्बत में 16 मौतों से मचा हाहाकार, पाक-अफगान में भी सुबह-सुबह डोली धरती

तिब्बत में शक्तिशाली भूकंप के बाद बड़े पैमाने पर नुकसान की खबर सामने आई है,…

1 hour ago

अगले 8 घंटे इन 11 राज्यों में कहर बन टूटेगा मौसम…! 75 की स्पीड से आंधी और मूसलाधार बारिश का खौफनाक अलर्ट

Today Weather Update के मुताबिक, 23 अक्टूबर को देश के कई राज्यों में बारिश, तेज…

2 hours ago

सत्ता का सेमीफाइनल: UP MLC चुनाव के लिए सपा-भाजपा में आर-पार की जंग, जानें कहां फंसा पेंच?

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनावी मुकाबले में भाजपा और समाजवादी…

2 hours ago