Suvendu Adhikari Unmarried Decision:करीब छह साल पहले हल्दिया में एक सभा के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने ऐसा बयान दिया था जिसने सबको चौंका दिया. उन्होंने कहा था कि लोग अक्सर उनसे पूछते हैं कि वे अविवाहित क्यों हैं, जबकि उनके भाई शादीशुदा हैं. उस समय उनकी बात सुनकर सभा में मौजूद लोग हैरान रह गए थे, मानो वे कोई बड़ा राज खोलने वाले हों.
राजनीति के शिखर पर
आज सुवेंदु अधिकारी अपने राजनीतिक करियर की ऊंचाई पर हैं. उन्होंने आज पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले लिया हैं. 2021 और 2026 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने ममता बनर्जी को हराकर ‘जॉयंट किलर’ की पहचान बनाई. अब जब वे सीएम पद संभालने वाले हैं तो उनके निजी जीवन पर भी चर्चा हो रही है.
क्या है विवाह नहीं करने का कारण?
55 साल के सुवेंदु अधिकारी ने अब तक शादी क्यों नहीं की, इस सवाल का जवाब उन्होंने दिसंबर 2020 की हल्दिया रैली में दिया था. उन्होंने कहा था कि उनका परिवार बड़ा है और समाज के लिए सब कुछ न्योछावर करना पड़ता है. उनके आदर्श स्वतंत्रता सेनानी सतीश सामंता और सुशील धारा भी अविवाहित रहे थे. उन्हीं के नक्शे कदम पर चलकर उन्होंने भी अविवाहित रहने का फैसला किया.
पिता की नाराजगी
सुवेंदु के पिता शिशिर अधिकारी उनके इस फैसले से खुश नहीं थे. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने बेटे को शादी न करने पर डांटा था. उनका मानना था कि समाज में लोग सोचते हैं कि अगर जीवन अच्छा है तो पारिवारिक जीवन भी होना चाहिए. शादी और परिवार को वे स्वाभाविक जिम्मेदारी मानते थे.
राजनीति में समर्पण
टीएमसी छोड़कर भाजपा में आने के बाद भी सुवेंदु ने अपने अविवाहित रहने की वजह बताई. उन्होंने कहा कि वे 1987 से छात्र राजनीति में सक्रिय हैं और पूरी तरह राजनीति को समर्पित कर चुके हैं. उनके क्षेत्र के तीन स्वतंत्रता सेनानी सतीश सामंता, सुशील धारा और अजय मुखर्जी भी अविवाहित थे. उन्हीं को आदर्श मानकर उन्होंने यह रास्ता चुना.
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पब्लिक के लिए समय
सुवेंदु ने आगे कहा था कि अविवाहित रहने से उन्हें जनता के लिए पूरा समय देने का मौका मिलता है. परिवार की जिम्मेदारियां कम होने से वे राजनीति और जनता की सेवा पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि उनकी जिम्मेदारी सिर्फ माता-पिता की देखभाल करना है और बाकी समय वे जनता के लिए समर्पित करना चाहते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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