नीतीश कटारा हत्या मामले में दोषी सुखदेव पहलवान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट ने सुखदेव पहलवान को तीन महीने के लिए फरलो दे दिया है. कोर्ट ने पहलवान को सात दिन के भीतर ट्रायल कोर्ट में पेश करने को कहा है, ताकि कोर्ट फरलो की शर्तें तय कर सके.
जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जस्टिस विनोद चन्द्रन ने कहा कि सुखदेव पहलवान ने बिना किसी छूट के 20 साल की सजा काटी है. साथ ही कोर्ट ने नीलम कटारा और अजय कटारा को सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया है.
सुखदेव पहलवान ने यह कहते हुए रिहाई की मांग की थी कि जब तक उनकी सजा पूरी नही हो जाती तब तक उनको फरलो दिया जाए. जिसके बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया है. सुखदेव पहलवान ने नवंबर 2024 के दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें तीन सप्ताह के लिए फरलो की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था.
इससे पहले कोर्ट ने रिहाई पर फैसला नही लेने पर दिल्ली सरकार को फटकार लगाई थी. साथ ही कोर्ट ने आदेश का पालन नही करने पर दिल्ली के गृह विभाग के प्रिंसीपल सेक्रेटरी को अवमानना नोटिस किया था. कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली सरकार नियमित रूप से ऐसे मामलों में देरी करती हैं.
कोर्ट ने कहा था कि सरकार ने खुद कहा था कि दो सप्ताह में विचार किया जाएगा, लेकिन विचार नही किया. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि यह मामला व्यक्ति के स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है.
कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि यह मुख्यमंत्री के पास जाएगा, फिर राज्यपाल के पास. कृपया हमें बताएं कि इस विभाग का प्रभारी कौन है. हम अवमानना नोटिस जारी करेंगे. वही दिल्ली सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा था कि आज इस मामले पर मीटिंग होनी है इसलिए सुनवाई को टाल दिया जाए.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने 2 सप्ताह में फैसला लेने को कहा था. कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा था कि सुखदेव पहलवान की 20 साल की सजा 10 मार्च को पूरी हो रही हैं, तो वह जेल में कैसे रहेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आखिरकार यह मुद्दा व्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है.
वही सुखदेव पहलवान की ओर से पेश वकील ने कहा था कि 20 साल की सजा पूरी हो गई है, लिहाजा उसे जेल से छोड़ा जाए. 3 अक्टूबर 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने विकास यादव और विशाल यादव की सजा घटाकर 24 साल कर दी थी, जबकि सुखदेव पहलवान की सजा घटाकर 20 साल कर दी थी.
दिल्ली हाई कोर्ट ने विकास यादव और विशाल यादव को 25 साल और 5 साल की दो सजा यानी 30 साल कैद की सजा दी थी. जबकि सुखदेव पहलवान को 20 साल और 5 साल की यानी 25 साल की कैद की सजा दी थी. विशाल यादव यूपी के बाहुबली नेता डीपी यादव का भतीजा है. दोनों की नीतीश कटारा की हत्या के दोषी है. 17 फरवरी 2002 को नीतीश कटारा की हत्या कर दी गई थी.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड में विकास यादव और विशाल यादव को मौत की सजा देने से इंकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये मामला केवल हत्या का है न कि जघन्यतम अपराध का. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि इस मामले में आजीवन जेल में रखने की भी सजा नही दी जा सकती.
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-भारत एक्सप्रेस
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