लीगल

दिल्ली मेडिकल खरीद घोटाला: राऊज एवेन्यु कोर्ट ने डॉ वत्सला अग्रवाल अंतरिम जमानत बढ़ाने से किया इनकार

करोड़ों रुपये के सर्जिकल सामान और मेडिकल इक्विपमेंट खरीद घोटाले के मामले में गिरफ्तार पूर्व डायरेक्टर डॉ. वत्सला अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. राऊज एवेन्यु कोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड (स्वास्थ्य आधार) पर डॉ. वत्सला अग्रवाल को मिली अंतरिम जमानत की अवधि को और आगे बढ़ाने से स्पष्ट इनकार कर दिया है.

इससे पहले कोर्ट ने गत 18 अगस्त को उन्हें चिकित्सा आधार पर चार सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दी थी, जिसकी अवधि समाप्त होने पर उन्होंने इसे बढ़ाने की गुहार लगाई थी, जिसे अदालत ने ठुकरा दिया है.

क्या है एसीबी की जांच का दायरा?

यह पूरा बहुचर्चित मामला पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के कार्यकाल के दौरान दवाओं, सर्जिकल सामान और मेडिकल उपकरणों की खरीद में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कर रही है. यह पूरा वित्तीय घोटाला लगभग ₹650 करोड़ की अनियमितताओं से संबंधित है. आरोप है कि सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) के माध्यम से की गई करोड़ों रुपये की खरीद प्रक्रिया में गंभीर स्तर पर हेरफेर की गई.

जांच में सामने आया है कि पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, बेडशीट व लिनन, सी-आर्म रेडियोलॉजिस्ट उपकरण, एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, ओआरएस (ORS), सर्जिकल सामान और अन्य दवाइयों को नियमों में हेरफेर कर अत्यधिक बढ़ी हुई कीमतों (Inflated Rates) पर खरीदा गया.

एसीबी की जांच का दायरा अब केवल केंद्रीय खरीद एजेंसी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें 100 से अधिक डॉक्टरों और अधिकारियों को जांच के दायरे में लिया जा चुका है, जिनमें सबसे बड़ी संख्या डॉक्टरों की है. कई सरकारी अस्पतालों से रिकॉर्ड खंगाले गए हैं और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ जारी है.

प्रक्रिया की परत-दर-परत हुई जांच

जांच एजेंसियां टेंडर की मंजूरी, वित्तीय अनुमोदन, भुगतान प्रक्रिया और खरीद से जुड़े हर एक फैसले की परत-दर-परत जांच कर रही हैं. इस बड़े घोटाले के उजागर होने के बाद दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किए गए थे. विभाग में सचिव स्तर के लगभग सभी अधिकारियों का तबादला करते हुए 50 से अधिक IAS और DANICS अधिकारियों को अलग-अलग अन्य विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं. एसीबी ने इस मामले में गत 2 जून को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी.

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

‘अभी नहीं तो कभी नहीं!’ सोना-चांदी की कीमतों में लगी ब्रेक, जानिए अचानक क्यों थमीं रफ्तारें?

Gold Silver News: दिल्ली सर्राफा बाजार में सुस्त मांग के चलते सोना और चांदी स्थिर…

24 minutes ago

‘सऊदी के हुक्म पर ‘किराए की फौज’ भेजेगा PAK!’ ‘मक्का पैक्ट’ हुआ एक्टिव, अब कैसे मान गया मुनीर?

सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के रक्षा समझौते को लेकर उसकी सेना की संभावित तैनाती…

28 minutes ago

रिलेशनशिप में होकर भी लव पर आया स्काउट का दिल? सीक्रेट बातचीत लीक होने से भड़के फैंस; गर्लफ्रेंड ने किया रिएक्ट

बिग बॉस के घर में कंटेस्टेंट स्काउट की हरकतों ने सोशल मीडिया पर खलबली मचा…

44 minutes ago

MCD का ‘सुपर प्लान’: 5.1 लाख बच्चों के सीधे बैंक खाते में आएंगे 1,370 रूपये, देखें पूरी डिटेल

Delhi News: MCD स्कूलों के 5.1 लाख छात्रों को इस सप्ताह यूनिफॉर्म और स्कूल बैग…

50 minutes ago

बल्लभगढ़ में खूनी खेल: चाट की रेहड़ी लगाने पर खूनी संघर्ष, 45 वर्षीय शख्स की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या

बल्लभगढ़ के सेक्टर-62-64 चौक के पास चाट की रेहड़ी लगाने को लेकर हुए विवाद ने…

1 hour ago

‘भारतीय खिलाड़ी लिखित में माफी मांगें…’ बेतुकी जिद्द पर अड़ा पाकिस्तान, बिगाड़ लिया अपना ही खेल

WCL 2026: WCL 2026 से पाकिस्तान चैंपियंस बाहर हो गई है. पीसीबी ने एनओसी देने…

1 hour ago