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आर्म्स डीलर संजय भंडारी की संपत्ति जब्ती पर कोर्ट का फैसला सुरक्षित, ED की याचिका पर 16 फरवरी को आएगा आदेश

Sanjay Bhandari property seizure case: आर्म्स डीलर संजय भंडारी को भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद उनकी संपत्ति जब्त करने की ED की मांग वाली याचिका पर राऊज एवेन्यु कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट 16 फरवरी को इस मामले में अपना फैसला सुनाएगा. बता दें कि पिछली सुनवाई में संजय भंडारी की ओर से पेश वकील ने ईडी द्वारा दाखिल हलफनामे में संलग्न दस्तवेज़ों पर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा था कि इन दस्तावेजों को अदालत में इस्तेमाल करने की अनुमति नही दी जानी चाहिए.

ED ने कोर्ट को क्या बताया?

ED ने कोर्ट को बताया कि भंडारी ने अपराध से अर्जित धन को इन संपत्तियों में लगाया है और अब इन्हें जब्त करना कानूनन जरूरी है. याचिका में दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम की प्राइम रियल एस्टेट के अलावा लंदन और दुबई में स्थित कई लग्जरी संपत्तियां शामिल हैं. संजय भंडारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज है. वह 2016 में ब्रिटेन भाग गया था. उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी हुआ था. हाल ही में ब्रिटेन की अदालत ने ईडी की प्रत्यर्पण याचिका खारिज कर दी थी.

मामला कैसे शुरू हुआ?

आयकर विभाग ने 2015 में संजय भंडारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था. इसी आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस बनाया. भंडारी पर काला धन विदेश भेजने, टैक्स चोरी और रक्षा सौदों में रिश्वत लेने का आरोप है. 2020 में ब्रिटेन पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। भंडारी के वकील ने भगोड़ा घोषित करने का विरोध किया था. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में उनका मुवक्किल कानून के तहत रह रहा है. लंदन हाई कोर्ट ने भारत प्रत्यर्पण से मना कर दिया है.

वहीं वकील ने दलील दी कि फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट की शर्तें पूरी नहीं होतीं. इस कानून में भगोड़ा घोषित करने के लिए आरोपों की राशि 100 करोड़ या उससे अधिक होनी चाहिए. लेकिन आयकर विभाग ने दिल्ली हाई कोर्ट में स्वीकार किया था कि संजय भंडारी के खिलाफ आरोपों की राशि 100 करोड़ से कम है.

राहुल गांधी के बहनोई से जुड़ा है केस

बता दें कि भंडारी का नाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ धन शोधन मामले में भी ईडी की जांच में सामने आया है. कोर्ट का फैसला अब 16 फरवरी को आएगा. इससे भंडारी की संपत्ति जब्ती का रास्ता तय होगा. अगर कोर्ट ईडी के पक्ष में फैसला देता है तो दिल्ली, एनसीआर, लंदन और दुबई में उनकी लग्जरी संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं। यह मामला रक्षा सौदों में कथित रिश्वत और मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े नेटवर्क को उजागर करने में महत्वपूर्ण है.

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-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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