सुप्रीम कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब से संबंधित सीबीआई के मामले में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की ओर से दायर याचिका का निपटारा कर दिया है. जस्टिस एम. एम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने लालू प्रसाद यादव की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की सभी दलीलों को खारिज करते हुए, निचली अदालत में चल रही ट्रायल पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. साथ ही कोर्ट ने हाई कोर्ट से स्पीडी सुनवाई करने का आदेश दिया है.
कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट द्वारा की गई टिप्पणी से केस के मेरिट पर कोई प्रभाव नही पड़ेगा. दायर याचिका में लालू प्रसाद यादव ने निचली अदालत में चल रहे ट्रायल पर रोक लगाने की मांग की गई थी. दायर याचिका में कहा गया था कि पिछली जांच और उसकी समापन रिपोर्ट को छुपाकर नई जांच शुरू की गई है, जो कानूनी प्रक्रियाओं का दुरुपयोग है. उन्होंने कहा था कि यह कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना के प्रेरित होकर परेशान करने के लिए किया जा रहा है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने 29 मई को अपने आदेश में कहा था कि कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस कारण नहीं है. हाई कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव की ओर से दायर याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट सुनवाई के लिए 12 अगस्त की तारीख तय कर रखी है. हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान मामले की सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद यादव की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि सीबीआई ने बिना आवश्यक मंजूरी के जांच जारी रखा है. जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार बिना पूर्व अनुमति के जांच शुरू नहीं कि जा सकती, जो एक अनिवार्य शर्त है.
सिब्बल ने यह भी कहा था कि भले ही अन्य मामलों में मंजूरी ली गई हो, लेकिन इस विशेष मामले में मंजूरी नही ली गई है. यह मामला राजनीतिक और कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दर्शाता है कि कैसे कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए और क्या कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है. लालू प्रसाद यादव ने हाई कोर्ट में याचिका में एफआईआर और 2022, 2023 और 2024 में दायर तीन चार्जशीट को रद्द करने की मांग की है.
सीबीआई द्वारा दायर अंतिम सप्लिमेंट्री चार्जशीट में 78 लोगों को आरोपी बनाया गया है. सीबीआई के मुताबिक 38 कैंडिडेट्स है इसके अलावे कुछ अधिकारी शामिल है. सीबीआई ने 6 मार्च को इस मामले में तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल किया था. जिसमे भोला यादव को आरोपी बनाया गया है. सीबीआई द्वारा दाखिल पूरक आरोप पत्र में कहा गया है कि भोला यादव लालू प्रसाद यादव के सचिव रह चुके है और वही सभी काम देखते थे.
भोला यादव ही अधिकारियों को निर्देश देते थे. इस मामले में लालू प्रसाद यादव सहित उनके परिवार के पांच सदस्य आरोपी है. इसमें लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती और हेमा यादव शामिल है.
सीबीआई से जुड़े मामले में कोर्ट ने 4 अक्टूबर 2023 को तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव, और राबड़ी देवी को जमानत दी थी. कोर्ट ने 22 सितंबर 2023 को सीबीआई की ओर से दाखिल दूसरी सप्लिमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. सीबीआई ने 18 मई 2022 को लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी, दो बेटियों, अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था.
-भारत एक्सप्रेस
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