Right Side Chest Pain When Breathing- ai generated
Right Side Chest Pain When Breathing: सांस लेते समय सीने की दाईं तरफ अचानक दर्द होना कई बार चिंता का कारण बन सकता है. खासकर जब गहरी सांस लेने, खांसने या शरीर को हिलाने पर दर्द बढ़ने लगे, तो इसे केवल गैस या मांसपेशियों में खिंचाव समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इसके पीछे मांसपेशियों की समस्या से लेकर फेफड़ों और उनके आसपास की झिल्ली में सूजन जैसी स्थितियां हो सकती हैं. कुछ मामलों में यह गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है.
गहरी सांस लेने या खांसने पर सीने में तेज, चुभने वाला दर्द महसूस होने को प्लीयूरेटिक चेस्ट पेन कहा जाता है. ऐसा दर्द फेफड़ों, उनके आसपास की झिल्ली या छाती की मांसपेशियों से जुड़ी समस्या के कारण हो सकता है. दर्द दाईं या बाईं तरफ महसूस हो सकता है. केवल दर्द की जगह से बीमारी का पता नहीं लगाया जा सकता. इसके लिए दर्द की शुरुआत, उसकी तीव्रता और अन्य लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है.
मायो क्लीनिक के अनुसार, प्लीयूरा फेफड़ों को ढकने वाली पतली झिल्ली है. सामान्य स्थिति में इसकी दोनों परतें सांस लेते समय आसानी से एक-दूसरे के ऊपर फिसलती हैं. लेकिन जब इनमें सूजन आ जाती है, तो सांस लेने और खांसने के दौरान तेज दर्द हो सकता है. इस स्थिति को प्लीयूराइटिस या प्लीयूरिसी कहा जाता है. इसके पीछे वायरल संक्रमण, निमोनिया और कुछ ऑटोइम्यून बीमारियां जैसे कारण हो सकते हैं. दर्द अक्सर चुभने वाला होता है और गहरी सांस लेने पर बढ़ सकता है.
लगातार या जोर-जोर से खांसने के कारण छाती की मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है. इससे सांस लेने, खांसने या शरीर को घुमाने पर दर्द महसूस हो सकता है. हालांकि, अगर खांसी के साथ बुखार, ठंड लगना, बलगम या सांस लेने में परेशानी भी हो, तो यह श्वसन संक्रमण का संकेत हो सकता है. निमोनिया में फेफड़ों में संक्रमण होने के कारण बुखार, खांसी, सांस फूलना और सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. कुछ मामलों में फेफड़ों के आसपास तरल जमा होने यानी प्ल्यूरल इफ्यूजन के कारण भी दर्द और सांस लेने में परेशानी हो सकती है.
सीने में सांस लेने पर बढ़ने वाले दर्द का एक गंभीर कारण पल्मोनरी एम्बोलिज्म भी है. यह स्थिति तब होती है, जब खून का थक्का फेफड़ों की किसी धमनी को ब्लॉक कर देता है. यह थक्का अक्सर पैरों की गहरी नसों से आ सकता है. क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार, इसके लक्षणों में अचानक सांस फूलना, सांस लेते समय सीने में दर्द, तेज धड़कन, चक्कर आना और कभी-कभी खून वाली खांसी शामिल हो सकते हैं. यह स्थिति जानलेवा हो सकती है और इसमें तुरंत चिकित्सा सहायता की जरूरत होती है.
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सीने की दाईं तरफ दर्द मांसपेशियों में खिंचाव, एसिड रिफ्लक्स या फेफड़ों से जुड़ी अलग-अलग समस्याओं के कारण हो सकता है. इसलिए बिना जांच के खुद से बीमारी का अनुमान लगाना सही नहीं है. अगर दर्द लगातार बढ़ रहा है या उसके साथ बुखार, खांसी, तेज धड़कन अथवा सांस लेने में परेशानी हो, तो डॉक्टर से जांच कराएं. वहीं, अचानक तेज सीने में दर्द, सांस फूलने, बेहोशी या खून वाली खांसी की स्थिति में तुरंत इमरजेंसी सहायता लें. समय पर जांच से गंभीर कारणों की पहचान करने और सही इलाज शुरू करने में मदद मिल सकती है.
भारत एक्सप्रेस
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