वेदांत दर्शन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए समर्पित वैश्विक आध्यात्मिक व शैक्षणिक संस्था ‘चिन्मय मिशन’ के ग्लोबल हेड स्वामी स्वरूपानंद ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में अपनी नई पुस्तक “यू आर द स्काई: एन एंशिएंट गाइड टू मॉडर्न फीलिंग्स” का औपचारिक विमोचन किया. अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन संस्थान ‘पैन मैकमिलन इंडिया’ द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक को लेकर पाठकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया है, जिसका प्रमाण यह है कि औपचारिक विमोचन से पहले ही प्री-ऑर्डर में इसकी करीब 7,000 प्रतियां बिक चुकी थीं.
कार्यक्रम की शुरुआत पैन मैकमिलन इंडिया की एडिटोरियल डायरेक्टर पूजिता कृष्णन के स्वागत वक्तव्य से हुई. इसके बाद मंच पर पुस्तक का विधिवत अनावरण किया गया. विमोचन के उपरांत स्वामी स्वरूपानंद ने जाने-माने फिल्मकार और टॉक शो होस्ट विनय भारद्वाज के साथ एक विचारोत्तेजक परिचर्चा में भाग लिया और दर्शकों के प्रश्नों के उत्तर दिए. इस अवसर पर राजनयिक, वरिष्ठ अधिवक्ता, कॉर्पोरेट जगत के सीईओ, प्रमुख मनोवैज्ञानिक, चिकित्सक, शिक्षाविद, कलाकार और मीडिया जगत की कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं.
यह पुस्तक ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर सामने आई है जब चिन्मय मिशन अपनी स्थापना का 75वां वर्ष (अमृत महोत्सव) मना रहा है. परम पूज्य स्वामी चिन्मयानंद द्वारा वर्ष 1951 में स्थापित इस मिशन का अमृत महोत्सव 23 से 25 अक्टूबर तक नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ‘चिन्मय ग्लोबल सम्मेलन’ के साथ संपन्न होगा.
‘भावनाओं को दबाएं नहीं, बल्कि उनके संदेश को समझें’: स्वामी स्वरूपानंद
विमोचन के अवसर पर स्वामी स्वरूपानंद ने कहा:
“भावनाएं हमारे जीवन को समृद्ध बनाती हैं, लेकिन जब हम उन्हें दबा देते हैं या बिना सोचे-समझे प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं, तो हमारे मन की शांति छिन जाती है. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम बाहरी चुनौतियों से निपटने की पूरी तैयारी करते हैं, परंतु अपने भीतर की दुनिया को व्यवस्थित करने का कोई मार्गदर्शन नहीं मिलता. ‘यू आर द स्काई’ प्राचीन वेदांत के सत्य को आधुनिक मनोविज्ञान से जोड़ती है. यह पुस्तक भावनाओं को कुचलने के बजाय उनके संदेश को समझने, आंतरिक स्थिरता तलाशने और जीवन की बाधाओं का सामना पूर्ण स्वतंत्रता के साथ करने की दृष्टि देती है.”
पैन मैकमिलन इंडिया की एडिटोरियल डायरेक्टर पूजिता कृष्णन ने कहा कि वेदांत के कालातीत सत्यों को फिजियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और आधुनिक मनोविज्ञान के साथ पिरोकर यह पुस्तक बताती है कि व्यक्ति अपने मन के साथ अपना संबंध कैसे बदल सकता है.
पुस्तक का मूल विचार आकाश और उसमें से तैरते बादलों के रूपक पर टिका है. जिस प्रकार बादल आकाश से गुजरते हैं किंतु उसके मूल स्वरूप को तनिक भी प्रभावित या परिवर्तित नहीं कर पाते, ठीक उसी तरह भावनाएं भी मानव मन में आती-जाती रहती हैं, वे हमारी मूल पहचान तय नहीं करतीं. पुस्तक पाठकों को यह सिखाती है कि किसी भावना को महसूस करना और स्वयं को उसी भावना में लीन कर लेना, दोनों में क्या बुनियादी अंतर है.
यह कृति गुस्सा, डर, ईर्ष्या, अपराधबोध और विषाद जैसी भावनाओं के साथ-साथ प्रेम, खुशी और गर्व जैसी सकारात्मक भावनाओं के अतिरेक से उत्पन्न होने वाली निर्भरता का भी गहन विश्लेषण करती है. “यू आर द स्काई” अब देश भर के प्रमुख बुकस्टोर्स और अमेजन व फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर पाठकों के लिए उपलब्ध है.
कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीआईएसएफ ने बैंकॉक जाने वाली…
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के जामनगर…
भारतीय वायुसेना 22, 24 और 25 अक्टूबर को वाराणसी के नमो घाट पर 'विंग्स ओवर…
PM MODI TO WITNESS VARANASI AIR SHOW: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 25 अक्टूबर 2026 को…
UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में यूपी पुलिस को बड़ा…
Bollywood Celebs Security: टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है.…