पत्रकारिता में उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए भारत एक्सप्रेस के CMD उपेंद्र राय ‘अमेज़ अवॉर्ड 2026’ से सम्मानित, IICC में सजी साहित्य और सहाफ़त की महफ़िल
Amaze Award to Upendrra Rai: इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर (IICC) में आयोजित 'हिंदी मेरी जान' कार्यक्रम में भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेंद्र राय जी को पत्रकारिता में उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए 'अमेज़ अवॉर्ड 2026' प्रदान किया गया.
IICC में आयोजित होगा ‘हिंदी मेरी जान 2026’ कवि सम्मेलन, भारत एक्सप्रेस के चेयरमैन उपेन्द्र राय किए गए आमंत्रित
भारत एक्सप्रेस के CMD एवं एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय दिल्ली में होने जा रहे 'हिंदी मेरी जान 2026' के द्वितीय संस्करण में शामिल होने के लिए आमंत्रित किए गए हैं. यह सम्मेलन इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर (IICC) में 22 सितंबर को आयोजित होगा.
वैशाली की विरासत: इतिहास, संस्कृति और स्त्री-शक्ति का पुनर्पाठ
“वैशाली की विरासत” पुस्तक वैशाली के इतिहास, संस्कृति, विचार परंपरा और स्त्री-शक्ति के अनदेखे पहलुओं को नए नजरिए से सामने लाती है.
‘हिंदी और उर्दू में सिर्फ लिपि का फर्क…’, Bharat Express के कॉन्क्लेव ‘बज्म-ए-सहाफ़त’ में ग्रुप मैनेजिंग एडिटर राधेश्याम राय की स्पीच
दिल्ली में भारत एक्सप्रेस के 'बज्म-ए-सहाफ़त' कॉन्क्लेव में ग्रुप मैनेजिंग एडिटर राधेश्याम राय ने भाषा की साझी विरासत, उर्दू पत्रकारिता के इतिहास और भाषाई शुद्धिकरण पर विचार रखे. गंगा-जमुनी तहजीब की साझी संस्कृति और पत्रकारिता के दायित्वों पर केंद्रित उनका संबोधन साहित्यिक मिठास और वैचारिक परिपक्वता से ओत-प्रोत रहा.
लोक गायिका कल्पना पटवारी ने बेंगलुरु के आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर में बिहार महोत्सव में दी शानदार प्रस्तुति, भोजपुरी में बिखेरा जलवा
कल्पना पटवारी ने बेंगलुरु के आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर में बिहार महोत्सव 2026 में शानदार प्रस्तुति दी. गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर और बिहार सरकार का आभार जताया. पूरी खबर पढ़ें.
पहली कन्नड़ कृति जिसे मिला अंतरराष्ट्रीय बुकर, जानिए क्या खास है बानू मुश्ताक़ के कहानी-संग्रह ‘हृदय दीप’ में
कन्नड़ लेखिका बानू मुश्ताक़ की चर्चित कहानी-पुस्तक ‘हृदय दीप तथा अन्य चयनित कहानियां’ अब हिंदी पाठकों के बीच है.
अंतरिक्ष से पृथ्वी देखने का अनोखा अहसास, बुकर विजेता उपन्यास ‘ऑर्बिटल’ के हिंदी अनुवाद को मिला प्रतिष्ठित ‘वैली ऑफ वर्ड्स’ अवॉर्ड
समैंथा हार्वी के बुकर पुरस्कार विजेता उपन्यास ‘ऑर्बिटल’ के हिंदी अनुवाद को वैली ऑफ वर्ड्स बुक अवॉर्ड्स 2026 में सम्मान मिला है.
सिर्फ हंगामा खड़ा करना मकसद नहीं… जानिए आज भी क्यों प्रासंगिक हैं दुष्यंत कुमार की ये अमर पंक्तियां?
दुष्यंत कुमार सिर्फ कवि नहीं, बल्कि आम आदमी की बेचैनी, संघर्ष और बदलाव की उम्मीद की आवाज थे. ‘साये में धूप’ जैसी कृति और उनकी अमर पंक्तियां आज भी व्यवस्था पर सवाल उठाने और बदलाव की उम्मीद जगाने का काम करती हैं.
जिंदगी बदलने के लिए 100 दिन काफी हैं? डॉ. अमित कुमार की इस किताब में छिपा है सफलता का फॉर्मूला
क्या 100 दिनों में सपनों को हकीकत के करीब लाया जा सकता है? डॉ. अमित कुमार की किताब ‘सपनों से उपलब्धि तक: 100 दिन के सूत्र’ इसी सवाल का व्यावहारिक जवाब तलाशती है.
इतिहास के धुंधले पन्नों से बाहर आए कालिदास, जानिए क्या है नए उपन्यास ‘कहो कालिदास!’ में खास?
महाकवि कालिदास संस्कृत साहित्य के शिखर पुरुष हैं. अभिज्ञानशाकुन्तलम्, मेघदूत, रघुवंश और कुमारसंभव जैसी कालजयी रचनाओं के रचयिता के रूप में वे विश्व साहित्य में भी प्रतिष्ठित हैं.





