आस्था

क्या प्रेमानंद महाराज को याद रहते हैं भक्तों के चेहरे? सेवादार के सवाल पर दिया ये जवाब

प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों और उनके दरबार को लेकर भक्तों में जबरदस्त आस्था देखने को मिलती है. देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग सिर्फ एक झलक पाने या उनकी बातें सुनने के लिए पहुंचते हैं. फिल्मी दुनिया के कलाकार हों या खेल जगत की हस्तियां, कई नामी चेहरे भी उनके दर्शन और आशीर्वाद लेने आते रहते हैं. यही वजह है कि उनके दरबार में अक्सर भारी भीड़ देखने को मिलती है.

हाल ही में एक दिलचस्प पल उस समय सामने आया जब दरबार में मौजूद एक सेवादार ने प्रेमानंद महाराज से सीधे सवाल पूछ लिया. उसने कहा कि महाराज, रोजाना आपसे सैकड़ों-हजारों लोग मिलने आते हैं, क्या आप इतने सारे चेहरों को याद रख पाते हैं?

इस सवाल पर प्रेमानंद महाराज ने बहुत ही स्पष्ट और गहराई भरा जवाब दिया है.

उन्होंने कहा कि दरअसल, उनके लिए किसी एक व्यक्ति की अलग पहचान या याद रखना मायने नहीं रखता. उनके अनुसार, जब वे लोगों से मिलते हैं तो उनकी दृष्टि सिर्फ भगवान के स्वरूप को देखती है. वे कहते हैं कि उनके लिए हर चेहरा, हर रूप उसी परमात्मा का हिस्सा है, इसलिए व्यक्तिगत रूप से किसी को याद रखने का भाव नहीं रहता है.

सबमें एक ही भाव

महाराज ने आगे समझाया कि उनके लिए हर व्यक्ति में भगवान का ही वास है. चाहे वह कोई स्त्री हो या पुरुष, साधु हो या आम व्यक्ति, अधिकारी हो या साधारण भक्त सब उनके लिए एक समान हैं. उनके अनुसार बाहरी व्यवहार में भले ही फर्क दिख सकता है, जैसे किसी संत के आने पर सम्मान दिखाना, लेकिन अंदर से वे सभी को एक ही दृष्टि से देखते हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि उनका सारा भाव और प्रेम सिर्फ उसी परमात्मा से जुड़ा है, जो हर जीव के भीतर मौजूद है. इसलिए वे किसी इंसान को अलग रूप में नहीं देखते, बल्कि हर किसी में प्रभु का ही अंश मानते हैं.

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-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

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