“अलग होने में इतना दर्द इसलिए होता है क्योंकि हमारी आत्माएं जुड़ी होती हैं. शायद हमेशा से जुड़ी रही हैं और रहेंगी. शायद हमने इस जिंदगी से पहले हजार जिंदगियां जी ली हैं और हर एक में हम एक-दूसरे को ढूंढ लेते हैं…और शायद हर बार हमें अलविदा कहना पड़ता है.” निकोलस स्पार्क्स की किताब द नोटबुक (1940) में प्यार, जुदाई और आख़िरी मुलाकात की भावना को शब्दों में ढालने के लिए इससे बेहतर पंक्ति शायद ही हो.
जिस तरह द नोटबुक का नायक बिछड़ाव के दर्द को दिल में रखते हुए खामोशी में चला जाता है, उसी तरह आजकल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक पेंगुइन का वीडियो भी जुदाई की वही टीस महसूस करा रहा है.
दरअसल आजकल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दो पेंगुइन बिछड़ रहे होते हैं. एक पेंगुइन अपनी कॉलोनी की तरफ चला जाता है तो दूसरा कॉलोनी से दूर अंटार्कटिक के पहाड़ों की तरफ निकल जाता है. लोग इसे “निहिलिस्ट पेंगुइन” कह रहे हैं.
इंटरनेट यूजर्स इसे अस्तित्व का संकट, विद्रोह और खुद को खोजने की जिद के रूप में पेश कर रहे हैं. आखिर यह वीडियो किसने बनाया और अब यह क्यों वायरल हो रहा है?
वायरल हो रहा फुटेज फिल्म निर्माता वर्नर हर्जोग की 2007 की डॉक्यूमेंट्री ‘एनकाउंटर्स एट द एंड ऑफ द वर्ल्ड’ का है. इसमें एक एडेली पेंगुइन अपनी तटीय कॉलोनी को छोड़कर समुद्र से लगभग 70 किलोमीटर दूर मौजूद बर्फीले पहाड़ों की ओर निकल जाता है. वह इलाका ऐसा है जहां पेंगुइन्स को ना तो भोजन मिलता है और ना ही वहां प्रजनन कर सकते हैं.
एडेली पेंगुइन आमतौर पर समुद्र तटीय रेखा के पास रहते हैं. वो वहीं पर प्रजनन और शिकार करते हैं, लेकिन इस वीडियो में पेंगुइन अपना इलाका छोड़कर उस जगह जा रहा है जहां उसकी मौत निश्चित है. इस वीडियो का यह मार्मिक दृश्य फिल्माए जाने के दो दशकों बाद फिर से ऑनलाइन वायरल हो रहा है.
इस मार्मिक वीडियो को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स अलग-अलग अर्थ निकाल रहे हैं. कोई लिख रहा है, पेंगुइन जानता है वो विनाश की तरफ बढ़ रहा है. वहीं कई लोग इसे सेल्फ डिसीजन बता रहे हैं. तो कोई विद्रोह करना बता रहा है.
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इस वीडियो को लेकर सबसे बड़ा सवाल यहीं है कि आखिर पेंगुइन ने ऐसा क्यों किया? इसको लेकर कई संभावित कारण हो सकते हैं, लेकिन मनोवैज्ञानिक इसे दूसरा कारण बताते हैं.
साल 1920 में सिगमंड फ्रायड ने बियॉन्ड द प्लेजर प्रिंसिपल नाम की एक किताब लिखी. जिसमें उन्होंने मानव व्यवहार को दो भागों में बांटा.
फ्रायड के तर्क के मुताबिक पेंगुइन का जीवन अराजकता और तनाव से भरा हुआ होगा. ऐसी स्थिति में दिमाग थानाटूस की तरफ आकर्षित होता है.
इस वीडियो को देखकर ऐसा लगता है कि शायद उस पेंगुइन में चेतना नहीं होगी और वह थानाटूस को धकेल नहीं पाया होगा.
-भारत एक्सप्रेस
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