यूटिलिटी

दिल टूटा या मूड है खराब: कर्मचारियों को मिल रही है ‘अनहैप्पी लीव’, कौनसी कंपनी दे रही है ऐसी छुट्टियां?

China Unhappy Leave: सुबह-सुबह उठकर अगर कभी आपका भी दिल यह कहे कि आज बिस्तर छोड़ने का बिल्कुल मन नहीं है या मूड बेहद ऑफ है, तो हम आम तौर पर क्या करते हैं? या तो चुपचाप ऑफिस में कोई बहाना बना देते हैं या फिर बीमार होने का नाटक करने लगते हैं. लेकिन जरा सोचिए कि अगर आपकी कंपनी खुद आपको यह अधिकार दे दे कि अगर आज उदास महसूस कर रहे हो, तो आराम से घर पर रहो और छुट्टी मनाओ? सुनकर अजीब लगा न? लेकिन चीन की एक मशहूर रिटेल कंपनी ने सचमुच ऐसा कदम उठाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है.

बिना किसी बहाने और डर के छुट्टी

इस अनोखे और क्रांतिकारी नियम को ‘Unhappy Leave’ यानी सीधे शब्दों में कहें तो उदासी की छुट्टी का नाम दिया गया है. कंपनी के बड़े अधिकारियों का मानना है कि हर इंसान की जिंदगी में ऐसे दिन जरूर आते हैं जब वह मानसिक रूप से ठीक महसूस नहीं करता और ऐसे में उससे जबरदस्ती काम करवाना किसी टॉर्चर से कम नहीं है.

इस पॉलिसी की सबसे शानदार बात यह है कि अगर कोई कर्मचारी इस छुट्टी के लिए अर्जी देता है तो न तो कोई बॉस और न ही मैनेजमेंट उस छुट्टी को खारिज कर सकता है. यानी आपको किसी को यह समझाने की जरूरत नहीं है कि आप दुखी क्यों हैं या आपके साथ क्या समस्या है. बिना किसी डर और बिना सफाई दिए आप आराम से अपने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे सकते हैं.

मेंटल हेल्थ को लेकर बेहतरीन पहल

आज के दौर में ज्यादातर कंपनियां वर्क-लाइफ बैलेंस के बड़े-बड़े भाषण तो देती हैं लेकिन असलियत में उन्हें सिर्फ और सिर्फ काम और डेडलाइन से मतलब होता है. ऐसे दबाव भरे माहौल में चीन की इस कंपनी का यह फैसला वाकई दिल जीतने वाला है और कर्मचारियों की मानसिक सेहत के प्रति उनकी संवेदनशीलता को साफ दिखाता है.

हम सब जानते हैं कि जब कोई व्यक्ति तनाव में या उदास होकर ऑफिस जाता है तो उसकी काम करने की क्षमता यानी प्रोडक्टिविटी अपने आप गिर जाती है. ऐसे में यह छोटा सा कदम कर्मचारियों का मानसिक तनाव कम करता है और उन्हें कंपनी से दिल से जोड़ता है.

ये भी पढे़ं- किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब सहकारी समितियों से सीधे और आसानी से मिलेगा लोन

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

जैसे ही इस यूनीक अनहैप्पी लीव की खबरें और तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हुईं, सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया. हर प्लेटफॉर्म पर लोग बस यही एक सवाल पूछ रहे हैं कि क्या भारत समेत दुनिया की बाकी कंपनियों को भी अपने कर्मचारियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए ऐसी पॉलिसी अपनानी चाहिए? देश-विदेश के लोग इस सोच की जमकर तारीफ कर रहे हैं और इसे आधुनिक यानी मॉडर्न वर्कप्लेस का भविष्य बता रहे हैं.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

Recent Posts

मध्य प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का आगाज: सीएम मोहन यादव और नितिन गडकरी 351 बसों को दिखाएंगे हरी झंडी

MP SUGAM PARIVAHAN SEVA LAUNCH: मध्य प्रदेश में सरकारी निगरानी वाली सुलभ और सुरक्षित यात्री…

5 hours ago

लापरवाही बनी काल! यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर बस में आग से 9 मौतें

ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में आग…

5 hours ago

दलबदल का खेल: चुनाव जीतने के बाद 111 सांसदों-विधायकों ने पार्टियां बदलीं — जानिए किस राज्य में हुआ सबसे बड़ा परिवर्तन

एडीआर ने नेशनल इलेक्शन वॉच के साथ लोकसभा, राज्यसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए निर्वाचित…

5 hours ago

60 का दूल्हा, 23 की दुल्हन… तानों की परवाह किए बिना पिंकू संग वर्षा ने लिए सात फेरे

बिहार के लखीसराय में 60 साल के पिंकू सिंह ने 23 साल की वर्षा रानी…

6 hours ago

रिटायर्ड जजों की सुविधाओं पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- केंद्र से बनाई जाए राष्ट्रीय नीति

सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों को मिलने वाली सुविधाओं में राज्यों के बीच…

6 hours ago

चिता की आग और मोक्ष की नगरी, क्या आपने देखी है बनारस की इस दुनिया की असली तस्वीर?

बनारस को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, लेकिन इसी शहर की चिताओं के बीच…

7 hours ago