उत्तर प्रदेश

इतना भारी कि 1 दिन में सिर्फ 10 KM! जानिए UP की सड़कों पर रेंग रहे इस विशालकाय ट्रक की क्या है हकीकत?

Giant Viral Truck In UP: सोशल मीडिया पर आप इस ट्रक को लगातार देख रहे होंगे. कई मीटर लंबे इस ट्रक से रिलेटेड वीडियो इंस्टाग्राम एल्गोरिदम लगातार आपकी फीड में भेज रहा होगा. लोग तरह-तरह के दावे के साथ इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं. आखिर इस वीडियो की सच्चाई क्या है? आइये हम आपको बताते हैं.

इस ट्रक से जुड़ा वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल है. ट्रक पर लदे विशाल बेलनाकार मशीन को जहां भी पहुंच रही है, इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ इकट्ठा हो जा रही है. कई एक्सल वाले ट्रेलर और क्रेन जैसी दिख रही मशीन को देख लोग दंग रह जा रहे हैं.

दरअसल ट्रक पर लोड ये विशालकाय मशीन 200 टन वजनी सुलजर वेसल है. आसान भाषा में कहें तो एथेनॉल/बायोप्लास्टिक प्लांट के लिए एक वैक्यूम बॉइलर, जिसका इस्तेमाल मक्के या गन्ने से एथेनॉल बनाने में किया जाता है. इसे बेल्जियम से समुद्र मार्ग के जरिये ओडिशा के पारादीप पोर्ट लाया गया.

बलरामपुर की तरफ बढ़ रहा ट्रक

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ओडिशा के पारादीप पोर्ट से इस 200 टन वजनी वैक्यूम बॉइलर को एक विशाल ट्रक पर लाद दिया गया. 15 मई 2026 को ट्रक इस बॉयलर को लादकर ओडिशा से यूपी के लिए रवाना हुआ. 32 दिनों तक यह ट्रक ओडिशा, झारखंड और बिहार को पार कर यूपी पहुंचा. ट्रक इस समय जगदीशसराय/कटशिला के पास मौजूद है और वाराणसी के रास्ते बलरामपुर की तरफ बढ़ रहा है.

बताया जा रहा है कि यह ट्रक इतना भारी है कि एक दिन में सिर्फ 10 से 20 किलोमीटर की दूरी ही तय कर पाता है. हालांकि कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि परिवहन विभाग की आवश्यक मंजूरी और सुरक्षा कारणों से इस ट्रक की गति धीमी है.

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कहां होगा स्थापित?

जानकारी के मुताबिक इस एथेनॉल वैक्यूम वॉइलर को बलरामपुर पहुंचाया जा रहा है. जहां बलरामपुर शुगर मिल में इसे स्थापित कर दिया जाएगा. जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में स्थापित शुगर मिल में भी एथेनॉल बनाया जाएगा. इसके लिए इस वैक्यूम बॉइलर को लगाना जरूरी है.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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