उत्तर प्रदेश

‘मां हैं मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा’ NCC कैडेट रहीं मां अर्चना सिंह को रोल मॉडल मानती हैं लेफ्टिनेंट मेहर चौहान

अयोध्या की रहने वाली 24 वर्षीय मेहर चौहान ने अपने सपने को हकीकत में बदलने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. उनका चयन भारतीय थल सेना में सैन्य अधिकारी के तौर पर हुआ है. अगर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा होता है, तो मेहर अयोध्या जिले से सेना में लेफ्टिनेंट बनने वाली पहली महिला होंगी.

मेहर 24 सितंबर को चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) के लिए रवाना होंगी. वहां उन्हें करीब 11 महीने का सैन्य प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वह लेफ्टिनेंट के पद पर भारतीय थल सेना का हिस्सा बनेंगी और देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगी.

मेहर की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उनके परिवार में पहले से ही सैन्य सेवा की मजबूत परंपरा रही है. उनके पिता कर्नल राजेंद्र कुमार सिंह सेना में अधिकारी हैं और वर्तमान में लखनऊ कैंट की 12 सिख लाइट इन्फेंट्री में तैनात हैं. उनके दादा, 92 वर्षीय सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल पंच बहादुर सिंह भी इसी सिख रेजिमेंट में सेवा दे चुके हैं. वह जम्मू समेत कई जगहों पर तैनात रहे हैं.

ननिहाल में भी सेना से गहरा रिश्ता

मेहर के परिवार का सैन्य जुड़ाव सिर्फ ददिहाल तक सीमित नहीं है. उनके नाना लेफ्टिनेंट कर्नल सूबेदार सिंह राजपूताना राइफल्स में सेवा दे चुके हैं. वहीं उनके मामा कर्नल आदित्य सिंह को सेना मेडल से सम्मानित किया जा चुका है और वह इस समय असम में तैनात हैं. मेहर के भाई मानस चौहान भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट कमांडर हैं.

यानी परिवार की तीन पीढ़ियों से देशसेवा का सिलसिला चला आ रहा है. हालांकि, परिवार में अब तक किसी महिला ने सेना में अधिकारी के तौर पर कदम नहीं रखा था. मेहर इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए एक नई मिसाल कायम करने जा रही हैं.

मां अर्चना सिंह को मानती हैं अपना रोल मॉडल

मेहर की शुरुआती पढ़ाई आर्मी पब्लिक स्कूल में हुई. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान में स्नातक की पढ़ाई पूरी की. बचपन से ही उनके मन में सेना में अधिकारी बनने का सपना था.

इस सपने को आकार देने में उनकी मां अर्चना सिंह की भूमिका बेहद अहम रही. अर्चना सिंह खुद NCC कैडेट रह चुकी हैं और मेहर उन्हें अपना सबसे बड़ा रोल मॉडल मानती हैं.

मेहर का कहना है कि सैनिक जब सीमा पर देश की रक्षा करता है, तो उसके पीछे घर संभालने वाले परिवार की भी बड़ी भूमिका होती है. खास तौर पर सैनिक की पत्नी और मां घर, बच्चों और परिवार की जिम्मेदारियां संभालती हैं, जिससे सैनिक निश्चिंत होकर अपनी ड्यूटी कर पाता है. मेहर मानती हैं कि आज वह जिस मुकाम पर पहुंची हैं, उसमें उनकी मां का बहुत बड़ा योगदान है.

मेहर का जन्म उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़ में हुआ था, लेकिन उनके दादा पिछले करीब 30 वर्षों से अयोध्या के निराला नगर, नवीन मंडी क्षेत्र में रह रहे हैं. इसी वजह से मेहर का अयोध्या से गहरा पारिवारिक जुड़ाव है.

24 सितंबर को जब मेहर चेन्नई के OTA में प्रशिक्षण के लिए जाएंगी, तो उनके साथ सिर्फ परिवार की उम्मीदें नहीं होंगी, बल्कि उन तमाम लड़कियों के सपने भी जुड़े होंगे जो सेना में अधिकारी बनने का ख्वाब देखती हैं.

यह भी पढ़ें: आज भी बेटियां सुरक्षित नहीं! स्कूल से जाते-आते वक्त करता था छेड़खानी… परेशान छात्रा का हुआ दर्दनाक अंत

-भारत एक्सप्रेस

Manmeet

Recent Posts

‘सादगी और सत्यनिष्ठा की मिसाल…’ पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत की जयंती पर अमित शाह ने किया नमन

Amit Shah Tribute: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के पूर्व उपराष्ट्रपति और भाजपा…

3 minutes ago

भक्ति में डूबा चंडीगढ़: भागवत कथा के समापन पर छलके बी प्राक के आंसू, अगले साल राम कथा का ऐलान

Chandigarh News: चंडीगढ़ में आयोजित सात दिवसीय श्री भागवत कथा के समापन पर पंजाबी गायक…

18 minutes ago

WiFi में नहीं चलेगा WhatsApp! 1 जनवरी से क्या बदल रहे है भारत सरकार?

WhatsApp SIM Binding Rule: केंद्र सरकार ने साइबर धोखाधड़ी और मोबाइल नंबरों के दुरुपयोग को…

37 minutes ago

खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से आई धमकी, मुंबई मेयर ऑफिस से लेकर सुपरस्टार तक बढ़ाई गई सुरक्षा

Mumbai mayor bomb threat: मुंबई की मेयर रितु तावड़े को एक धमकी भरा ईमेल मिला…

1 hour ago

ट्रक की टक्कर, लहूलुहान ड्राइवर… और फिर सड़क पर शुरू हो गया ‘टमाटर लूट’ का खेल

Jabalpur News: छिंदवाड़ा से कटनी जा रहे टमाटर से लदे पिकअप वाहन को जबलपुर में…

1 hour ago

म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामला: अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वकिंडाइक अमेरिका से लौटकर राऊज एवेन्यु कोर्ट में पेश, इमिग्रेशन एक्ट से बरी

म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले में आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वकिंडाइक अमेरिका से लौटने के…

2 hours ago