उत्तर प्रदेश

मेरठ में महाभारत: पुरानी रंजिश ने बच्चों के विवाद को बनाया खूनी संघर्ष, पुलिस भी दंग!

मेरठ के मुरलीपुरा गांव में बच्चों के खेल-खेल में शुरू हुआ एक मामूली सा विवाद कब खूनी संघर्ष में बदल गया, किसी को पता ही नहीं चला. शुक्रवार को मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में जो कुछ हुआ, उसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. बच्चों की छोटी सी कहासुनी ने बड़ों के बीच ऐसी नफरत की आग सुलगाई कि गली पल भर में युद्ध का मैदान बन गई. दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

पुरानी रंजिश ने आग में डाला घी

मुरलीपुरा गांव की रहने वाली एक पीड़ित महिला का आरोप है कि सारा बवाल बच्चों के बीच शुरू हुआ था, लेकिन दूसरे पक्ष ने इसे एक मौके की तरह इस्तेमाल किया. महिला का कहना है कि उनकी पहले से ही रंजिश चल रही थी. आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने घर पर अचानक हमला बोल दिया और मारपीट शुरू कर दी. बात सिर्फ यहीं नहीं रुकी, महिला ने यह भी दावा किया कि आरोपियों ने उनके बच्चे को उठा ले जाने तक की धमकी दे डाली. देखते ही देखते दोनों ओर से छतों और गलियों से ईंट-पत्थर चलने लगे, जिससे वहां भगदड़ मच गई. जो लोग रास्ते से गुजर रहे थे, उन्होंने जैसे-तैसे छिपकर अपनी जान बचाई.

वीडियो वायरल होते ही हरकत में आई पुलिस

इस घटना का वीडियो जब सोशल मीडिया पर पहुंचा, तो पुलिस के हाथ-पांव फूल गए. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे लोग एक-दूसरे पर पत्थर बरसा रहे हैं. पीड़ित महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है.

इस मामले पर मेरठ के एसपी सिटी, आयुष विक्रम ने जानकारी देते हुए बताया कि कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के मुरलीपुरा गांव का यह मामला संज्ञान में आया है. शुरुआती जांच में पता चला है कि बच्चों के खेलने को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हुई थी, जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों का मेडिकल कराया है. एसपी सिटी के मुताबिक, दोनों तरफ से मिली तहरीर के आधार पर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस अब वीडियो के जरिए उन चेहरों की पहचान कर रही है जिन्होंने माहौल खराब करने की कोशिश की.

ग्रामीणों में दहशत का माहौल

फिलहाल गांव में तनाव तो है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है. पुलिस लगातार गश्त कर रही है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते बड़ों ने समझदारी दिखाई होती और बच्चों के झगड़े को वहीं खत्म कर दिया होता, तो आज गांव की बदनामी इस तरह सोशल मीडिया पर न होती. पुलिस का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

ये भी पढ़ें: UP Police: 15 साल बाद मिला इंसाफ, दारोगा राजवीर सिंह की हत्या और लूट के मामले में 3 दोषियों को उम्रकैद

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

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