उत्तर प्रदेश

प्रयागराज के DRM ऑफिस में CBI का बड़ा छापा, 50 हजार की रिश्वत लेते APO और अधीक्षक गिरफ्तार

Prayagraj DRM Office CBI Raid: प्रयागराज स्थित उत्तर मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सीबीआई की लखनऊ टीम ने अचानक रेड मार दी. दरअसल गुरुवार शाम हुई इस बड़ी कार्रवाई में सीबीआई ने सहायक कार्मिक अधिकारी (APO) अरविंद कुमार और कार्यालय अधीक्षक राजेश मणि त्रिपाठी को 50 हजार रुपये की रिश्वत रंगे हाथों लेते हुए हिरासत में ले लिया.

बता दें कि यह पूरी कार्रवाई कानपुर में तैनात एक लोको पायलट के ट्रांसफर के नाम पर मांगी गई घूस से जुड़ी है, जिसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाकर दोनों घूसखोर अधिकारियों को धर दबोचा.

जानिए क्या है पूरा मामला?(Prayagraj DRM Office CBI Raid)

पूरा मामला कानपुर में तैनात एक रेलवे लोको पायलट के स्थानांतरण (ट्रांसफर) से जुड़ा हुआ है. पीड़ित लोको पायलट का आरोप है कि ट्रांसफर से संबंधित आधिकारिक काम को आगे बढ़ाने के बदले उससे 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी. अधिकारियों की इस मनमानी और भ्रष्टाचार से परेशान होकर लोको पायलट ने घूस देने के बजाय सीबीआई के लखनऊ कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज करा दी.

लखनऊ CBI की गुप्त निगरानी

शिकायत मिलने के बाद सीबीआई टीम ने मामले की गहनता और आरोपों की प्राथमिक जांच की. सच्चाई सामने आने के बाद सीबीआई ने आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक मास्टरप्लान तैयार किया. योजना के तहत गुरुवार की शाम शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये नकद देकर प्रयागराज मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय भेजा गया. इस दौरान सीबीआई की टीम सादे कपड़ों में पहले से ही पूरे परिसर और अधिकारियों पर नजर बनाए हुए थी.

जैसे ही हाथ में आए 50 हजार, CBI ने दबोचा

योजना के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने मंडल कार्यालय में APO अरविंद कुमार और कार्यालय अधीक्षक राजेश मणि त्रिपाठी से मुलाकात की. बातचीत के दौरान जैसे ही 50 हजार रुपये की रिश्वत की रकम का लेनदेन पूरा हुआ, वैसे ही आसपास मुस्तैद सीबीआई टीम ने तुरंत धावा बोल दिया और दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे डीआरएम दफ्तर में अफरा-तफरी मच गई.

यह भी पढ़ें: ‘भारत के खिलाफ AI वाला गंदा खेल…!’ देश को बदनाम करने की हो रही इंटरनेशनल साजिश?

कई और बड़े चेहरों पर गिर सकती है गाज?

सीबीआई की इस बड़ी कार्रवाई (Prayagraj DRM Office CBI Raid) के बाद अब मामले में गहन तफ्तीश शुरू हो चुकी है. जांच टीम इस बात का पता लगा रही है कि लोको पायलट से रिश्वत की मांग किस-किस स्तर पर की गई थी और ट्रांसफर के इस पूरे खेल में दोनों कर्मचारियों के अलावा और कौन-कौन शामिल था. माना जा रहा है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस रिश्वतकांड से जुड़े कई अन्य बड़े अधिकारियों की भूमिका भी उजागर हो सकती है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

विशाल तलवार

Recent Posts

‘शारीरिक संबंध बनाने से क्यों रहें दूर?’ अजीबोगरीब दलील देकर बुरे फंसे मुफ्ती तारिक मसूद, सोशल मीडिया पर मचा बवाल; देखें VIDEO

Pakistan News: पाकिस्तानी स्कॉलर मुफ्ती तारिक मसूद के महिलाओं पर दिए आपत्तिजनक बयान पर बवाल.…

8 minutes ago

‘हनुमान अंश’ के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की अनुप्रिया नागर की तारीफ

फिल्म निर्माता अनुप्रिया नागर ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की है.…

13 minutes ago

‘आपका 30 सालों तक…’, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी को घेरा

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नई दिल्ली के द्वारका में…

13 minutes ago

पोलैंड-भारत ने डिफेंस, स्पेस और न्यूक्लियर एनर्जी संबंध प्रगाढ़ करने पर सहमति जताई- प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री मोदी और पोलैंड के पीएम डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार को हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय…

21 minutes ago

कैसे ईस्ट इंडिया कंपनी ने व्यापार के बहाने भारत पर जमाया कब्जा? जानिए गवर्नरों की पूरी कहानी

अमर फारूकी की किताब Governors of Empire बताती है कि कैसे ईस्ट इंडिया कंपनी व्यापार…

42 minutes ago