UPPCL 10% Fuel Surcharge news: उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और बिजली संकट से जूझ रही जनता को अब सीधे जेब पर एक और करारा झटका लगा है. दरअसल पेट्रोल, डीजल और सीएनजी (CNG) की बढ़ती कीमतों की मार झेल रहे यूपी वासियों पर अब उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली बिल का भारी बोझ लाद दिया है.
यूपीपीसीएल ने बिजली के बिलों पर सीधे 10 फीसदी (10%) ईंधन अधिभार (फ्यूल सरचार्ज) बढ़ा दिया है.विभागीय सूत्रों के मुताबिक, यह अब तक के इतिहास की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है. इस नए आदेश के बाद भीषण गर्मी में एसी-कूलर चला रहे उपभोक्ताओं को जून के महीने में आने वाले बिजली बिल में तगड़ा करंट लगने वाला है.
इस नई बढ़ोतरी के बाद सीधे गणित यह है कि उपभोक्ताओं को अब अपने हर 100 रुपये के मूल बिजली बिल पर 10 रुपये का अतिरिक्त ईंधन अधिभार शुल्क देना होगा. यानी जिनका बिल 3000 रुपये आता था, उन्हें अब सीधे 300 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे.
अधिकारियों का कहना है कि यह मार्च महीने का बकाया ईंधन अधिभार शुल्क है, जिसकी वसूली अब जून के बिल में जोड़कर की जाएगी. सबसे डराने वाली बात यह है कि यूपीपीसीएल के अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि आगामी महीनों में इस सरचार्ज को और भी ज्यादा बढ़ाया जा सकता है, जिससे आने वाले समय में बिजली और महंगी होना तय है.
बताते चलें इस समय प्रदेश में पारा 45 डिग्री के पार है और लोगों ने गर्मी से बचने के लिए घरों में दिन-रात एसी और कूलर दौड़ाए हैं, जिससे बिजली की खपत पहले ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है. ऐसे में बढ़ा हुआ सरचार्ज बिल की रकम को और ज्यादा खौफनाक बना देगा.
UPPCL ने इस बढ़ोतरी का ठीकरा वैश्विक बाजार पर फोड़ते हुए दलील दी है कि देश में बिजली की भारी डिमांड और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन (कोयला और गैस) की कीमतों में बेतहाशा इजाफे के कारण उसे बाहर से बहुत महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है. इसी घाटे की भरपाई के लिए यह सरचार्ज सीधे उपभोक्ताओं की जेब से वसूला जा रहा है.
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इस मनमाने फैसले (UP Electricity Bill Price increase) के खिलाफ यूपी राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने तीखा विरोध दर्ज कराते हुए सरकार और पावर कॉर्पोरेशन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने यूपीपीसीएल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पावर कॉर्पोरेशन पर खुद उपभोक्ताओं का करोड़ों रुपया बकाया है. जब तक विभाग उपभोक्ताओं के पुराने पैसे को एडजस्ट या अदा नहीं कर देता, तब तक बिजली बिलों में इस तरह की एकतरफा बढ़ोतरी करना पूरी तरह असंवैधानिक है.
अवधेश वर्मा ने एलान किया है कि राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद इस जनविरोधी फैसले के खिलाफ नियामक आयोग (Regulatory Commission) का दरवाजा खटखटाएगी और इस बढ़ोतरी को वापस लेने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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