सोमवार को उत्तर प्रदेश विधान सभा में अपने संबोधन के दौरान, सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी और वित्त मंत्री श्री सुरेश खन्ना जी के नेतृत्व की सराहना की, जिन्होंने राज्य के इतिहास का सबसे समावेशी और विकासोन्मुखी बजट प्रस्तुत किया. उन्होंने ₹8.8 लाख करोड़ के बजट को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह बजट ₹79,000 करोड़ के राजस्व अधिशेष और 2.97% के नियंत्रित वित्तीय घाटे के साथ वित्तीय अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है.
डॉ. सिंह ने विपक्ष द्वारा अंग्रेजी भाषा के विरोध को गलत ठहराते हुए कहा कि अंग्रेजी वैश्विक शिक्षा और रोजगार के लिए एक महत्वपूर्ण सेतु है. उन्होंने बताया कि अंग्रेजी में दक्षता प्राप्त करने से युवाओं को बेहतर नौकरियां, अधिक वेतन और विश्व की शीर्ष विश्वविद्यालयों में प्रवेश मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं.
डॉ. राजेश्वर सिंह ने बजट में डिजिटल साक्षरता को दिए गए महत्वपूर्ण स्थान की सराहना की. उन्होंने कहा कि 18,000 से अधिक स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं और 880 स्कूलों में आईसीटी (ICT) लैब्स स्थापित की जाएंगी. इसके अलावा, 49 लाख टैबलेट्स का वितरण एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे प्रदेश का युवा डिजिटल भविष्य के लिए तैयार होगा. उन्होंने यह भी बताया कि स्वामी विवेकानंद योजना के तहत 2 करोड़ टैबलेट्स वितरित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के युवा डिजिटल रूप से सशक्त बनेंगे.
डॉ. सिंह ने युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और अवसरों पर बात करते हुए कहा कि 2030 तक 8.5 करोड़ वर्तमान नौकरियां समाप्त हो जाएंगी, लेकिन 9.5 करोड़ नई नौकरियां डिजिटल अर्थव्यवस्था में उपलब्ध होंगी. उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ब्लॉकचेन, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में रोजगार की भारी संभावनाएं हैं और युवाओं को डिजिटल कौशल से लैस करना अत्यंत आवश्यक है.
डॉ. सिंह ने अपने क्षेत्र सरोजनी नगर में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए किए गए कार्यों पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि राणा बहादुर सिंह डिजिटल सशक्तिकरण केंद्र की स्थापना की गई है, जहां युवाओं को निःशुल्क डिजिटल शिक्षा दी जा रही है. इसके अलावा, 30 से अधिक स्कूलों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किए गए हैं, जिससे 20,000 से अधिक बच्चों को लाभ मिला है. उन्होंने 1,000 मेधावी छात्रों को टैबलेट, लैपटॉप और साइकिल वितरित किए हैं, ताकि वे डिजिटल साक्षरता की ओर अग्रसर हो सकें.
अपने भाषण के अंत में, डॉ. सिंह ने दोहराया कि तकनीक जाति-निरपेक्ष और लिंग-निरपेक्ष होती है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें अपने बच्चों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना चाहिए, उनका चरित्र निर्माण करना चाहिए और उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार करना चाहिए, न कि उन्हें जातिगत राजनीति में उलझाना चाहिए.
डॉ. राजेश्वर सिंह ने वित्त मंत्री श्री सुरेश खन्ना जी द्वारा प्रस्तुत बजट और श्री शलभ मणि त्रिपाठी जी द्वारा लाए गए प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि यह बजट उत्तर प्रदेश की अविरत प्रगति की घोषणा है. उन्होंने इसे राज्य के भविष्य को मजबूत करने वाला एक ऐतिहासिक और साहसिक कदम बताया.
-भारत एक्सप्रेस
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