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कांगो की खान में बड़ा हादसा, पुल गिरने से 40 की मौत, वजह आई सामने

Cobalt Mine Collapse: कांगो के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक बड़ा खनन हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को हिला दिया. मुलोंडो इलाके की कालांडो खान में बना पुल अचानक टूटकर गिर गया. हादसे में कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए. स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को अवैध खनन और भीड़भाड़ का नतीजा बताया है.

लुआलाबा प्रांत में दर्दनाक हादसा

लुआलाबा प्रांत के आंतरिक मंत्री रॉय काउंबा मायोंडे ने बताया कि भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए खदान में प्रवेश पर रोक लगाई गई थी. इसके बावजूद अवैध खनिकों ने जबरन खदान में घुसने की कोशिश की. मौके पर मौजूद सैनिकों की हवाई फायरिंग से भगदड़ मच गई और बड़ी संख्या में लोग पुल पर चढ़ गए. अचानक बढ़े वजन को पुल सहन नहीं कर पाया और गिर गया.

पुल टूटने से मची भगदड़

सरकारी एजेंसी SAEMAPE की रिपोर्ट में कहा गया कि गोलीबारी से बचने के लिए भीड़ पुल की ओर भागी और दबाव बढ़ने से पुल टूट गया. पुल गिरने के बाद लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जिससे मौतों की संख्या और बढ़ गई. बचाव दल देर रात तक राहत कार्य में जुटा रहा.

विवादों में कालांडो खान

कालांडो खान लंबे समय से विवादों में रही है. यहां अवैध खनिकों, स्थानीय कोऑपरेटिव और लाइसेंसधारी ऑपरेटरों के बीच खनन अधिकारों को लेकर लगातार टकराव होता रहा है. सरकार ने कई बार अवैध खनन पर रोक लगाने की कोशिश की, लेकिन बेरोजगारी और आर्थिक तंगी के कारण लोग बार-बार खदान में दाखिल हो जाते हैं. इस बार भी यही अवैध गतिविधि बड़े हादसे का कारण बनी.

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कांगो का खनन क्षेत्र

कांगो दुनिया में कोबाल्ट का सबसे बड़ा उत्पादक है. यह खनिज इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी बनाने में बेहद अहम है. रिपोर्टों के मुताबिक, देश के 80 प्रतिशत उत्पादन पर चीनी कंपनियों का कब्जा है. लेकिन खनन उद्योग पर लंबे समय से बाल श्रम, असुरक्षित कामकाज और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं. इस हादसे ने एक बार फिर कांगो के खनन क्षेत्र की खतरनाक और दयनीय स्थिति को उजागर कर दिया है.

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-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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