इमरान खान की सेहत पर 21 दिग्गज क्रिकेटरों की चिट्ठी
Cricketers write letter to Pakistan: पाकिस्तान में लोकतंत्र का कितना बुरा जनाजा निकल चुका है और वहां मानव अधिकारों की धज्जियां कैसे उड़ाई जा रही हैं, इसकी पोल पूरे विश्व के सामने एक बार फिर पट्टी खोलकर खुल गई है. 1992 में पाकिस्तान को वर्ल्ड कप जिताने वाले पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में गिरती सेहत और घटिया इलाज को लेकर पूरी दुनिया के दिग्गजों का गुस्सा फूट पड़ा है.
भारत के महान कप्तान कपिल देव और सुनील गावस्कर समेत दुनिया के 21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने शहबाज़ शरीफ सरकार को आड़े हाथों लेते हुए एक तीखा खत ठोका है. इस खत ने न सिर्फ पाकिस्तान के तानाशाही रवैये की बखिया उधेड़ दी है बल्कि पूरी दुनिया में नापाक मुल्क की फजीहत करा दी है.
इमरान खान सिर्फ पाकिस्तान के नेता नहीं बल्कि क्रिकेट इतिहास के सबसे धाकड़ ऑलराउंडर्स में गिने जाते हैं. लेकिन राजनीतिक खुन्नस के चलते 2023 से जेल में बंद 73 साल के इमरान के साथ जो दरिंदगी हो रही है, उसने पूरी दुनिया के कप्तानों का दिल पिघला दिया है.
बताते चले 6 महीने पहले जहां 14 कप्तानों ने चिट्ठी लिखी थी, वहीं अब भारत के कपिल देव, सुनील गावस्कर, दिलीप वेंगसरकर के साथ-साथ एलन बॉर्डर, क्लाइव लॉयड, एडम गिलक्रिस्ट, रिकी पोंटिंग और नासिर हुसैन जैसे 7 नए सूरमा जुड़ गए हैं. सबने एक सुर में शहबाज़ सरकार से कहा कि राजनीति अपनी जगह, लेकिन इंसानियत को सूली पर मत चढ़ाओ.
पाकिस्तानी हुकूमत किस कदर बेशर्म हो चुकी है, इसका सबूत भी इस खत में दिया गया है. जब पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि इमरान खान को अस्पताल में भर्ती कराकर उनके निजी डॉक्टर और बहन की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड से जांच कराई जाए, तब सरकार ने क्या किया?
इमरान (Imran Khan Pakistan) को महज कुछ घंटों के लिए अस्पताल ले जाया गया, सरकारी डॉक्टरों से ‘सब ठीक है’ का फर्जी ठप्पा लगवाया गया और बिना पूरी जांच के वापस खतरनाक अडियाला जेल में ठूंस दिया गया. इस फर्जीवाड़े पर कप्तानों ने गहरी चिंता जताई है.
पाकिस्तान सरकार की नंगई के खिलाफ इन 21 दिग्गजों ने किसी कूटनीति के बिना तीन सख्त मांगें सामने रख दी हैं:
1.सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक इमरान खान के निजी डॉक्टरों की मौजूदगी में आजाद मेडिकल बोर्ड से पूरी जांच कराई जाए, खासकर उनकी दाहिनी आंख की जा रही रोशनी की पारदर्शी जांच हो.
2.परिवार के सदस्यों और वकीलों को बिना किसी जेल प्रशासन की नौटंकी के हर हफ्ते मिलने की इजाजत दी जाए.
3.डॉक्टरों का बोर्ड जो भी इलाज या अस्पताल सजेस्ट करे, बिना एक सेकंड की देरी के तुरंत मुहैया कराया जाए.
ये भी पढ़ें-दिल्ली के ITO में भीषण सड़क हादसा; PWD दफ्तर के पास डिवाइडर पार कर विधायकों की इनोवा से भिड़ी स्विफ्ट
इमरान खान की पार्टी (PTI) लगातार चीख-चीखकर कह रही है कि ये सारे मुकदमे (भ्रष्टाचार, सीक्रेट लीक और गैरकानूनी निकाह) सिर्फ राजनीतिक बदले की भावना से ठोके गए हैं. जिस देश में पूर्व प्रधानमंत्री को इलाज तक नसीब न हो और जहां अदालत के आदेशों को जेल के सिपाही ठेंगे पर रखते हों, वहां लोकतंत्र नाम की कोई चीज़ नहीं बची है.
ज्ञात रहे 21 कप्तानों के इस खत ने साबित कर दिया है कि पाकिस्तान एक ऐसा देश बन चुका है जहां कानून नहीं बल्कि फौज और उनके चमचों की गुंडागर्दी चलती है.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विंटर शेड्यूल से पहले सस्ती बसों, ऐप टैक्सियों और फ्री…
उमेश पाल ट्रिपल मर्डर केस के 5 लाख के इनामी आरोपी अरमान बिहारी को प्रयागराज…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन को भारत की समृद्ध विरासत और…
सोशल मीडिया पर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के नाम से एक…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी…
दिल्ली हाई कोर्ट ने आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण की प्रक्रिया तेज करने के…