Farmer Welfare
Farmer Welfare: गन्ना किसानों के हित में मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए नियंत्रण आदेश का ड्राफ्ट वापस लिया है. साथ ही गन्ने का रेट बढ़ाकर 365 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है.
देश के अन्नदाताओं की समृद्धि और खुशहाली के लिए मोदी सरकार ने एक बार फिर बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है. सरकार ने गन्ना नियंत्रण से जुड़े एक विवादित मसौदा आदेश को वापस ले लिया है. इसके साथ ही गन्ना किसानों को बड़ा आर्थिक तोहफा देते हुए गन्ने का न्यूनतम मूल्य बढ़ाकर 365 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है. सरकार के इस फैसले से साफ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने और उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित है. यह निर्णय देश के करोड़ों गन्ना किसानों के जीवन में बड़ा और सकारात्मक बदलाव लाएगा.
मोदी सरकार हमेशा से ही जनता और हितधारकों से बातचीत करके नीतियां बनाने में विश्वास रखती है. केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत सिंह ने इस फैसले का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जमकर सराहना की है. उन्होंने कहा कि गुड़-खांडसारी उद्योग और विभिन्न पक्षों से मिले सुझावों को गंभीरता से लेते हुए इस ड्राफ्ट पर फिर से विचार करने का फैसला किया गया है. यह दिखाता है कि मोदी सरकार सबकी बात सुनकर और चर्चा के आधार पर ही नीति-निर्माण के प्रति प्रतिबद्ध है. राज्य सरकारों और किसानों से मिले फीडबैक के बाद उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने इस ड्राफ्ट को औपचारिक रूप से वापस ले लिया है.
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किसानों को उनकी फसल का सही और लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने चीनी सत्र 2026-27 के लिए गन्ने के ‘उचित और लाभकारी मूल्य’ (FRP) में 2.81 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी को मंजूरी दी है. इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब गन्ने की कीमत बढ़कर 365 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है. यह बढ़ी हुई कीमत 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले नए चीनी सत्र में पूरी तरह लागू हो जाएगी. सरकार के इस कदम से गन्ना उत्पादक किसानों को उनकी लागत का बेहतरीन मुनाफा मिलेगा.
मोदी सरकार ने इस फैसले में छोटे और कम रिकवरी वाले गन्ना किसानों का भी पूरा ख्याल रखा है. सरकार ने तय किया है कि जिन चीनी मिलों में गन्ने की रिकवरी 9.5 प्रतिशत से कम होगी, वहां भी किसानों के पैसों में कोई कटौती नहीं की जाएगी. ऐसे किसानों को भी आने वाले सीजन में 338.3 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान पक्का किया गया है. वहीं, जिन किसानों के गन्ने की रिकवरी 10.25 प्रतिशत से अधिक होगी, उन्हें प्रति 0.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर 3.56 रुपये प्रति क्विंटल का अलग से प्रीमियम बोनस मिलेगा. सरकार का यह फैसला पूरी तरह से किसान कल्याण को समर्पित है.
भारत एक्सप्रेस
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