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‘वह भटके हुए हैं..’, मोहन भागवत के US दौरे से पहले मैरी मिलबेन ने ममदानी को जमकर झाड़ा

Mohan Bhagwat RSS US Visit: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के आगामी अमेरिका दौरे को लेकर न्यूयॉर्क की सियासत गरमा गई है. भागवत 29 अगस्त 2026 को न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक ‘मैडिसन स्क्वायर गार्डन’ में भारतवंशी समुदाय को संबोधित करने वाले हैं. लेकिन उनके इस कार्यक्रम का न्यूयॉर्क के मेयर और स्थानीय राजनेता जोहरान ममदानी ने कड़ा विरोध किया है. ममदानी के इस विरोध पर अब मशहूर अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने तीखा पलटवार करते हुए उन्हें आईना दिखाया है.

‘विवादों से आगे बढ़कर संदेश देने का मौका’ (Mary Millben on RSS Mohan Bhagwat)

भारत में ‘जन गण मन’ और ‘ओम जय जगदीश हरे’ गाकर लोकप्रिय हुईं मैरी मिलबेन ने कहा कि ममदानी की बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता, मोहन भागवत का कार्यक्रम तय समय पर होगा. उन्होंने संघ प्रमुख का अमेरिका में स्वागत करते हुए कहा कि जब ऐसे विवाद शुरू होते हैं, तो हम अतिथि के स्वागत की मूल भावना भूल जाते हैं.

मिलबेन ने सलाह दी कि भागवत को इस अवसर का उपयोग विवादों से आगे बढ़कर आरएसएस (RSS) के सकारात्मक कार्यों और एकता के संदेश को सीधे अमेरिकी जनता तक पहुंचाने के लिए करना चाहिए.

जोहरान ममदानी की सोच पर उठाए सवाल (Mary Millben Target Zohran Mamdani)

सिंगर मैरी मिलबेन ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के कड़े विरोध की कड़ी आलोचना की. मिलबेन ने कहा कि ममदानी का यह रुख ‘डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका’ (DSA) जैसी कट्टर विचारधारा से प्रभावित है. उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मुझे उम्मीद थी कि वे (ममदानी) भारत से आने वाली उन बातों का विरोध करेंगे जो लोकतंत्र, धार्मिक स्वतंत्रता और प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन से जुड़ी हों. मिलबेन ने ममदानी को एक ‘भटका हुआ युवा राजनेता’ बताया, जिसे अपनी पार्टी के भीतर सही मार्गदर्शन की सख्त जरूरत है.

आम अमेरिकी नहीं जानता RSS क्या है

मिलबेन ने एक बड़ी सच्चाई बयान करते हुए कहा कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय के अलावा ज्यादातर आम अमेरिकी नागरिकों को आरएसएस के बारे में बहुत कम जानकारी है. उन्होंने सुझाव दिया कि आरएसएस प्रमुख को अपने कार्यक्रम में अन्य धर्मों और समुदायों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित करना चाहिए. इससे प्रधानमंत्री मोदी और आरएसएस के ‘धार्मिक स्वतंत्रता’ और ‘समरसता’ के संदेश को व्यापक अमेरिकी समर्थन मिल सकेगा.

राजनीतिक शोर-शराबे को शांत करने का अवसर

1925 में स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) आज दुनिया के सबसे बड़े सांस्कृतिक संगठनों में से एक है. मैरी मिलबेन के अनुसार, भागवत का यह दौरा ममदानी जैसे नेताओं द्वारा पैदा किए गए राजनीतिक शोर-शराबे को शांत करने और संघ की वास्तविक छवि को अमेरिका में पेश करने का एक बेहतरीन मौका है. अब सबकी नजरें 29 अगस्त को होने वाले इस मेगा इवेंट और वहां से गूंजने वाले मोहन भागवत के संदेश पर टिकी हैं.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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