Pak Army Airstrike Khyber Pakhtunkhwa: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा की तिराहा घाटी में पाकिस्तानी सेना ने खून की नदियां बहा दी. आम लोगों के कत्लेआम पर अब वहां के स्थानीय नेताओं ने पाक सेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. खैबर पख्तूनख्वा के नेताओं ने पाक सेना के इस कार्रवाई को ‘जेट बॉम्बिंग’ कहा है. इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ के नेता और खैबर पख्तूनख्वा असेंबली के सदस्य अब्दुल गनी आफरीदी ने पाक सेना के खिलाफ कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कि हमारे रक्षक ही भक्षक बन गए हैं. जिस तरह से हमारे रक्षकों ने बेगुनाह बच्चों, नौजवानों और औरतों का बेहरमी से खून बहाया है यह मानवता के लिए खुला अपराध है.
पाक एयरफोर्स ने JF-17 लड़ाकू विमानों ने खैबर पख्तूनख्वा की तिराहा घाटी में मौजूद एक गांव पर 8 बम गिरा दिया. जिसमें कम से कम 30 लोग मारे गए. पाक एयरफोर्स के इस हमले में गांव का बड़ा हिस्सा पूरी तरह से तबाह हो गया. हादसे के बाद वायरल वीडियो में जगह-जगह लाशें बिखरी दिखाई पड़ रही थी.
इस संबंध में पाकिस्तान के रिपोर्टर फिरोज बलोच जो कि मानवाधिकार कार्यकर्ता भी हैं, ने इस हमले की तस्वीरें शेयर की. जिसमें उन्होंने लिखा कि तिराहा घाटी में पाक सेना की बमबारी से 17 लोग मारे गए. जिसमें से अधिकतर छोटे-छोटे बच्चे और महिलाएं थी.
विधायक अब्दुल गनी आफरीदी ने भी इस हमले में मारे गए बच्चों की दर्दनाक तस्वीरें शेयर कर पाकिस्तानी सेना पर सवाल उठाये हैं. उनके द्वारा शेयर की गई तस्वीरों में पाकिस्तानी फौज के हमले में मारे गए बच्चे खाट पर लेटे दिखाये गए हैं. एक व्यक्ति एक-एक कर बच्चों के शवों के ऊपर रखी चादरों को हटाता और रोता दिखाई देता है.
पाकिस्तानी फौज के इस हमले में मारे गए लोगों में सबसे ज्यादा खैबर पख्तूनख्वा के स्थानीय कबायली समुदाय आफरीदी के लोग हैं. अब्दुल गनी आफरीदी ने इसको लेकर एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पाकिस्तानी सेना ने ऊपरी तिराह के अकाखेल में जेट विमानों से बमबारी कर प्रलय ला दिया है. जिस घाटी में बच्चे खिलखिलाकर हंसते थे वो घाटी अब उन नन्हें बच्चों की लाशों से भर गई है.
अब्दुल गनी आफरीदी ने पाकिस्तानी सेना से पूछते हुए कहा कि क्या वो मासूम बच्चे और महिलाएं आतंकवादी थीं. ये खुला अत्याचार है.
इस मामले में इमरान खान के समर्थक पाकिस्तानी सेना और हुक्मरानों से सवाल पूछ रहे हैं. जिया नाम की एक इमरान खान समर्थक ने एक्स पोस्ट में कहा कि ये गाजा या सीरिया नहीं है, बल्कि ये पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा है. लेकिन इस बार पाकिस्तानियों का गुस्सा नहीं दिखेगा, क्योंकि खैबर पख्तूनख्वा के गरीब परिवारों के बच्चे मारे गए हैं. अब किसी की जुबान नहीं खुलने वाली है, कोई नहीं बोंकेगा, अब कोई बकवास नहीं करेगा.
ये भी पढ़ें- GST रिफॉर्म पर क्रेडिट वॉर! ममता बनर्जी बोलीं- इसका श्रेय केंद्र को नहीं, मुझे जाता है
पाकिस्तान की खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने भी इस मामले में पाकिस्तानी सेना की गलती मानी है. मुख्यमंत्री सचिवालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री अली अमीन गंदापुर हर परिवार को 10 लाख पाकिस्तानी रुपये देंगे.
-भारत एक्सप्रेस
Delhi Protest News: राहुल गांधी की समर्थक नेहा बोरा बोलीं- 'बांग्लादेश ने हमें एक रास्ता…
आईटी संसदीय समिति के अध्यक्ष डॉ. निशिकांत दुबे ने स्टारलिंक के मुद्दे पर एलन मस्क…
जेआरडी टाटा को 1929 में भारत का पहला पायलट लाइसेंस मिला था. इसके बाद उन्होंने…
हिमाचल प्रदेश भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने…
पेपर लीक और नकल जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने…
मैं प्रसिद्ध लेखक विनीत नायर की पुस्तक 'इंसान पहले, मशीन बाद में' की समीक्षा कर…