हर चार से आठ साल में व्हाइट हाउस में एक नई शुरुआत होती है. इस दिन निवर्तमान राष्ट्रपति और नए राष्ट्रपति के बीच सत्ता का हस्तांतरण होता है. 20 जनवरी को राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रथम महिला जिल बाइडेन अपने सामान और यादगार चीजों के साथ व्हाइट हाउस में होंगे. वहीं, रात में डोनाल्ड ट्रंप और मेलानिया ट्रंप व्हाइट हाउस में अपने पसंदीदा सामान और व्यक्तिगत चीजों के साथ लौटेंगे.
‘द रेसिडेंस: इनसाइड द प्राइवेट वर्ल्ड ऑफ द व्हाइट हाउस’ की लेखिका केट एंडरसन ब्रॉवर बताती हैं कि व्हाइट हाउस के कर्मचारी इस बदलाव के लिए महज पांच घंटे में सबकुछ तैयार करते हैं. यह कार्य बेहद तेज़ी और कुशलता से किया जाता है. इसमें मूवर्स को काम पर नहीं रखा जाता, बल्कि व्हाइट हाउस के कर्मचारी खुद सबकुछ संभालते हैं.
यह प्रक्रिया सुबह शुरू होती है, जब निवर्तमान राष्ट्रपति और प्रथम महिला व्हाइट हाउस के कर्मचारियों से विदा लेते हैं. स्टेट डाइनिंग रूम में आयोजित यह विदाई समारोह भावनात्मक होता है, क्योंकि वर्षों तक साथ काम करने के बाद कर्मचारी और प्रथम परिवार के बीच एक खास रिश्ता बन जाता है.
समारोह में राष्ट्रपति को व्हाइट हाउस पर फहराए गए पहले और अंतिम दिन के अमेरिकी झंडे लकड़ी के बॉक्स में उपहार स्वरूप दिए जाते हैं.
जब निवर्तमान राष्ट्रपति शपथ ग्रहण समारोह के लिए व्हाइट हाउस से बाहर जाते हैं, तो अंदर शिफ्टिंग का काम शुरू हो जाता है. इसमें गद्दे और बिस्तर बदलना, फर्नीचर की अदला-बदली, अलमारियों को भरना, रेफ्रिजरेटर स्टॉक करना और रंग-रोगन तक शामिल होता है.
पूर्व प्रथम महिला लॉरा बुश की चीफ ऑफ स्टाफ अनीता मैकब्राइड के मुताबिक, एक वैन निवर्तमान राष्ट्रपति के सामान को बाहर ले जाने के लिए तैयार होती है, जबकि दूसरी वैन नए राष्ट्रपति के सामान को अंदर लाने के लिए. यह प्रक्रिया पूरी सुरक्षा के साथ होती है.
सुरक्षा कारणों से शिफ्टिंग के लिए बाहरी व्यक्ति नहीं बुलाए जाते. मुख्य प्रवेशकर्ता इस प्रक्रिया की निगरानी करते हैं. नए राष्ट्रपति और उनके परिवार की पसंद को ध्यान में रखते हुए चीजों को पहले से व्यवस्थित किया जाता है, जैसे उनके पसंदीदा शैंपू या भोजन.
डोनाल्ड और मेलानिया ट्रंप इस प्रक्रिया में खास हैं, क्योंकि वे चार साल बाद फिर से व्हाइट हाउस लौट रहे हैं. कई कर्मचारी, जिन्होंने उनके पहले कार्यकाल में काम किया था, इस बार भी उनके साथ काम करेंगे.
यह प्रक्रिया न केवल सत्ता परिवर्तन का प्रतीक है, बल्कि इसमें व्यक्तिगत और ऐतिहासिक पहलुओं का गहरा मिश्रण भी देखने को मिलता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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