राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा
Vladimir Putin security: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की विदेश यात्राएं सिर्फ राजनीतिक वजहों से ही चर्चा में नहीं रहतीं, उनकी सुरक्षा व्यवस्था भी हमेशा लोगों का ध्यान खींचती है. पुतिन जहां भी जाते हैं, वहां सुरक्षा का घेरा कई स्तरों में तैयार किया जाता है. जमीन पर उनके काफिले की सबसे खास गाड़ी Aurus Senat होती है, जबकि आसमान में उनका विशेष विमान Ilyushin Il-96-300PU सुरक्षा और संचार का अहम हिस्सा माना जाता है.
पुतिन की आधिकारिक Aurus Senat आम लग्जरी कार जैसी जरूर दिखती है, लेकिन राष्ट्रपति के लिए तैयार किए गए संस्करण में सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई है. इसमें भारी बख्तरबंद बॉडी, मजबूत सुरक्षा ग्लास और नीचे की तरफ अतिरिक्त सुरक्षा जैसे इंतजाम बताए जाते हैं.
रिपोर्टों के अनुसार, कार में ऐसे रन-फ्लैट टायर भी इस्तेमाल किए जाते हैं, जिनकी मदद से टायर को नुकसान पहुंचने के बाद भी वाहन कुछ दूरी तक चल सकता है. अंदर की तरफ सुरक्षित संचार, एयर फिल्ट्रेशन और फायर-सप्रेशन जैसी सुविधाएं भी बताई जाती हैं. हालांकि, राष्ट्रपति की कार में इस्तेमाल होने वाली कई खास सुरक्षा तकनीकों की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती.
Aurus Senat का सामान्य पावरट्रेन 4.4 लीटर ट्विन-टर्बो V8 हाइब्रिड इंजन से जुड़ा बताया जाता है. इसकी ताकत करीब 598 हॉर्सपावर और 880 Nm टॉर्क तक बताई जाती है. इसके अलावा, 850 हॉर्सपावर वाले V12 इंजन की चर्चा भी सामने आ चुकी है. यानी सुरक्षा कवच से भारी हो जाने के बावजूद यह कार प्रदर्शन के मामले में भी काफी दमदार है.
पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था का दूसरा अहम हिस्सा है Il-96-300PU. इसे अक्सर ‘Flying Kremlin’ यानी ‘उड़ता क्रेमलिन’ कहा जाता है. यह सामान्य Il-96 यात्री विमान पर आधारित है, लेकिन राष्ट्रपति की जरूरतों के मुताबिक इसमें बड़े बदलाव किए गए हैं.
यह विमान सिर्फ यात्रा का साधन नहीं है. इसमें सुरक्षित संचार और कमांड सिस्टम लगाए गए हैं, जिसकी वजह से जरूरत पड़ने पर इसे हवा में एक मोबाइल कमांड सेंटर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है.
रिपोर्टों के मुताबिक, विमान के भीतर राष्ट्रपति के लिए ऑफिस, बैठक और कॉन्फ्रेंस की जगह, आराम करने का क्षेत्र तथा डाइनिंग स्पेस जैसी सुविधाएं मौजूद हैं. यानी लंबी उड़ान के दौरान भी जरूरी सरकारी कामकाज जारी रखा जा सकता है.
पुतिन की विदेश यात्राओं के दौरान सुरक्षा को लेकर डिकॉय रणनीति की खबरें भी सामने आती रही हैं. कुछ रिपोर्टों में एक जैसे Il-96-300PU विमानों के इस्तेमाल का जिक्र किया गया है, ताकि बाहरी लोगों के लिए यह पहचानना मुश्किल हो कि राष्ट्रपति वास्तव में किस विमान में सफर कर रहे हैं.
जमीन से लेकर आसमान तक पूरी व्यवस्था का मकसद एक ही है. राष्ट्रपति को सुरक्षित रखना और जरूरत पड़ने पर उनसे लगातार संपर्क बनाए रखना. यही वजह है कि Aurus Senat और Il-96-300PU को पुतिन की हाई-सिक्योरिटी यात्रा व्यवस्था के दो अहम हिस्सों के तौर पर देखा जाता है.
-भारत एक्सप्रेस
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