Ajab Gajab: अमेरिका के कैनसस में रहने वाली 68 वर्षीय महिला ने एक ऐसा दावा किया है, जिसे सुन आपके कान खड़े हो जाएंगे. महिला ने दावा करते हुए बताया कि कुछ साल वह मर गई थी. यहां तक डॉक्टर ने भी उसे मृत घोषित कर दिया था. आइए जानते है पूरी कहानी.
क्या है मामला?
ऐसा माना जाता है कि मौत के बाद कोई भी वापस नहीं आता, लेकिन दुनिया भर में ऐसे कई लोग हैं जो “नियर डेथ एक्सपीरियंस” का दावा करते हैं. इनमें से एक है अमेरिका की रहने वाली शार्लोट होम्स जिनका कहना है कि वो मौत के बेहद करीब पहुंचने के बाद उनकी सोच और जिंदगी पूरी तरह बदल गई.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सितंबर 2019 में शार्लोट रेगुलर हार्ट चेकअप के लिए डॉक्टर के पास गई थी. जांच के दौरान अचानक उनका ब्लड प्रेशर गंभीर लेवल पर पहुंच गया. डॉक्टरों ने स्थिति को गंभीर बताते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी, जिसके बाद वो एडमिट हो गई. इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें चेतावनी दी थी कि उन्हें दिल का दौरा पड़ सकता है.
इलाज के समय उनके पति भी अस्पताल में मौजूद थे. जब डॉक्टर ने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए ड्रिप लगाई गई, तो हालत सुधरने के बजाय और बिगड़ गई. हालत के गंभीर होते ही शार्लोट को इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया गया, जहां उनकी स्थिति अचानक बेहद गंभीर हो गई और उनके दिल की धड़कना बंद हो गई.
शार्लोट का कहना है कि उस समय वह अपने शरीर से ऊपर उठ गई थीं और मेडिकल टीम को देख सकती थी. उन्होंने आगे बताया कि उन्हें चारों ओर सबसे सुंदर फूलों की खुशबू आ रही थी और एक संगीत सुनाई दे रहा था. जब उन्होंने आंखें खोलीं, तो उन्हें एहसास हुआ कि वह स्वर्ग में हैं.
उनके मुताबिक, वहां हर तरफ हरियाली, पेड़ और घास थी और सब कुछ किसी दिव्य संगीत की लय में झूम रहा था. उनके पति डैनी ने भी बताया कि उस समय शार्लोट फूलों की खुशबू और सुंदर दृश्यों के बारे में बोल रही थीं, जबकि अस्पताल के कमरे में ऐसा कुछ भी मौजूद नहीं था.
शार्लोट का कहना है कि स्वर्ग में उन्होंने अपने माता-पिता, बहन और अन्य उन रिश्तेदारों को देखा, जिनका पहले ही निधन हो चुका था. उन्होंने एक छोटे बच्चे को भी देखा, जिसे पहले पहचान नहीं पाईं. बाद में उन्हें बताया गया कि वह बच्चा उनका ही था, जिसे उन्होंने गर्भावस्था के दौरान खो दिया था.
साथ ही शार्लोट ने ये भी बताया कि स्वर्ग की सुंदरता देखने के बाद उन्हें नर्क भी दिखाया गया. उन्होंने बताया कि नर्क से चीखें सुनाई दे रही थीं और सड़े मांस जैसी बदबू महसूस हो रही थी. उनका कहना है कि यह अनुभव उन्हें चेतावनी के रूप में दिखाया गया, ताकि वह लोगों को बता सकें कि गलत रास्ते का अंजाम क्या हो सकता है.
इसके बाद शार्लोट को महसूस हुआ कि वह फिर से अपने शरीर में लौट रही हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने अचानक तेज दर्द महसूस किया और आंखें खोलते ही खुद को अस्पताल के बिस्तर पर पाया.
वहीं, डॉक्टरों का कहना थी कि उनका दिल लगभग 11 मिनट तक बंद रहा था, यानी की शार्लोट इस 11 मिनट के लिए मेडिकल रूप से मृत थीं.
इस घटना के बाद शार्लोट दो हफ्तों तक अस्पताल में रहीं और धीरे-धीरे पूरी तरह स्वस्थ हो गईं. आज वह अपने इस अनुभव को लोगों के साथ शेयर करती हैं और मानती हैं कि इस घटना ने उनकी सोच और जीवन का उद्देश्य पूरी तरह बदल दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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