अजब-गजब

92 साल की मां ने बेटे से पिटाई के बाद भी पेंशन से करवाई बेल, बनी ममता की मिसाल

Ajab Gajab: चीन के हेबेई प्रांत के एक छोटे से कस्बे से मां-बेटे के रिश्ते की ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने सबको हैरान कर दिया. 92 साल की बुजुर्ग महिला को उसके ही बेटे ने बुरी तरह पीटा. पड़ोसियों ने शोर सुनकर पुलिस को बुलाया और आरोपी बेटे को तुरंत हिरासत में ले लिया. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. जिस मां को चोटें आईं, उसी मां ने अपनी पेंशन के पैसों से बेटे की बेल करवाई और टैक्सी बुलाकर थाने पहुंची.

क्या है पूरा मामला?

बुजुर्ग महिला का बेटा डायबिटिज और बेरोजगार भी है. वह अक्सर अपनी मां से पैसे मांगता था और न देने पर मारपीट करता था. घटना वाले दिन भी उसने मां को बहुत मारा. पुलिस ने जब उसे पकड़ा तो मां के शरीर पर चोट के निशान साफ दिख रहे थे. लेकिन अगले ही दिन मां थाने पहुंची और बेटे की बेल करवा दी. पुलिस ने समझाने की कोशिश की कि बेटा गलत है, लेकिन मां ने कहा कि वह उसे माफ कर चुकी है.

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर यह घटना वायरल हो गई. चीन के प्लेटफॉर्म वीबो पर लाखों लोगों ने इसे शेयर किया. कई लोगों ने बेटे को भला-बुरा कहा, वहीं कई ने इसे ममता की अनोखी मिसाल बताया. एक यूजर ने लिखा कि पूत कपूत हो सकता है लेकिन मां कभी कुमाई नहीं हो सकती.

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92 साल की महिला को चलने में तकलीफ है लेकिन बेटे की चिंता ने उसे थाने तक खींच लिया. बेटे की उम्र करीब 60 साल बताई जा रही है और वह मां की पेंशन पर ही निर्भर है. पुलिस ने केस दर्ज किया था, लेकिन मां की शिकायत वापस लेने के बाद आगे कार्रवाई नहीं की गई. यह घटना दिखाती है कि मां चाहे कितनी भी तकलीफ में हो, बेटे के लिए उसका प्यार कभी कम नहीं होता.

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-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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