दुनिया में अजीबोगरीब शौक और आदतों की कमी नहीं है, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जिन्हें सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं. अमेरिका के टेनेसी से एक ऐसी ही दास्तां सामने आई है, जो प्यार, शोक और एक खौफनाक लत की धुंधली सरहद पर खड़ी है. यह कहानी है कैसी (Cassie) नाम की एक महिला की, जिसने अपने पति की मौत के गम में कुछ ऐसा करना शुरू कर दिया जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती. वह अपने दिवंगत पति की अस्थियों (राख) को चाटने और खाने की आदी हो गई.
कैसी की जिंदगी तब बिखर गई जब उसके पति की अचानक अस्थमा अटैक से मौत हो गई. किसी भी इंसान के लिए अपने जीवनसाथी को खोना एक बड़ा सदमा होता है, लेकिन कैसी के लिए यह वियोग मानसिक रूप से असहनीय हो गया. वह अपने पति को खुद से दूर नहीं होने देना चाहती थी. इसी लगाव के चलते वह हर वक्त पति की अस्थियों वाले कलश को अपने सीने से लगाकर रखती थी. वह जहां भी जाती, वह कलश उसके साथ होता.
हैरानी की बात यह है कि कैसी ने जानबूझकर यह सब शुरू नहीं किया था. एक दिन कलश को साफ करते या उसे पकड़ते वक्त कुछ राख कैसी के हाथों पर गिर गई. आम तौर पर लोग ऐसी स्थिति में हाथ धो लेते हैं या झाड़ देते हैं, लेकिन कैसी ने अपने पति के प्रति बेपनाह प्यार के चलते उस राख को उंगलियों से चाट लिया. बस वहीं से एक ऐसी लत की शुरुआत हुई जिसने विशेषज्ञों को भी चिंता में डाल दिया.
धीरे-धीरे यह लत इस कदर बढ़ गई कि वह दिन भर में कई बार उंगलियां डालकर राख चाटने लगी. हद तो तब हो गई जब उसने अपने खाने की चीजों पर इस राख को मसाले की तरह छिड़कना शुरू कर दिया. कैसी का कहना था कि वह अपने पति को खोना नहीं चाहती, इसलिए वह उन्हें अपने शरीर के अंदर समा लेना चाहती है ताकि वे हमेशा उसके साथ रहें.
जब कैसी की यह कहानी ‘My Strange Addiction’ नाम के शो के जरिए दुनिया के सामने आई, तो लोगों ने उनसे उस राख के स्वाद के बारे में पूछा. कैसी ने जो बताया वह और भी चौंकाने वाला था. उन्होंने कहा कि इन अस्थियों का स्वाद ‘सड़े हुए अंडों’ जैसा था. स्वाद खराब होने के बावजूद, वह खुद को इसे खाने से नहीं रोक पा रही थीं.
डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने कैसी की इस आदत पर गहरी चिंता जताई. मेडिकल में इसे ‘पिका’ (Pica) नामक ईटिंग डिसऑर्डर कहा जाता है. इस बीमारी में इंसान उन चीजों को खाने का आदी हो जाता है जो भोजन की श्रेणी में नहीं आतीं, जैसे मिट्टी, चॉक, बाल या सीमेंट.
विशेषज्ञों का कहना है कि शव को जलाते समय इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स और शरीर के अवशेषों से बनी राख सेहत के लिए बेहद जहरीली हो सकती है. इसमें मौजूद टॉक्सिन्स इंसान की जान भी ले सकते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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