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महिला सशक्तिकरण पीएम मोदी के लिए सिर्फ एक नारा नहीं रहा, उनके उत्‍थान में हमेशा निभाई अग्रणी भूमिका

आनंदीबेन पटेल, राज्यपाल, उत्तर प्रदेश.


Women Empowerment: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण हमेशा एक नारे से कहीं अधिक रहा है. यह उनके जीवन के मूल्यों का प्रतिबिंब है, जो उन्होंने हमेशा से अपनाए हैं. उन्होंने अपनी मां के संघर्षों को देखा और उनसे ही महिलाओं के लिए संघर्ष और संघर्ष की भावना सीखी. आरएसएस प्रचारक के तौर पर और फिर बीजेपी में नेतृत्व के दौरान, नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को केवल भागीदार नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता और बदलाव लाने वाले के रूप में देखा और उनसे समाज की दिशा बदलने का अवसर दिया.

महिलाओं को राजनीति की अग्रिम पंक्ति में लाना

प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा महिलाओं को राजनीति में अग्रिम पंक्ति में लाने की दिशा में काम किया. पार्टी के कार्यकारिणी की बैठक में, उन्होंने महिला नेताओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया. उनका मानना था कि केवल आरक्षण से महिलाओं की स्थिति सुधारने में मदद नहीं मिलेगी, बल्कि उन्हें प्रमुख नेतृत्व पदों पर लाना जरूरी है. उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि पार्टी की प्रत्येक कार्यवाही में महिलाओं की भागीदारी हो, चाहे वह बूथ समिति हो या पार्टी की अन्य संरचनाएं.

महिला कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाना

गुजरात में जब नरेंद्र मोदी बीजेपी के संगठनात्मक महासचिव थे, तब उन्होंने महिला मोर्चा की हर योजना और कार्यक्रम में महिलाओं की पूरी भागीदारी सुनिश्चित की. उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण शिविरों में व्यक्तिगत रूप से नेतृत्व किया, जिसमें महिलाओं को राजनीतिक कार्यों के लिए जरूरी कौशल सिखाए गए — प्रेस विज्ञप्ति तैयार करने से लेकर लॉजिस्टिक्स की योजना बनाने तक.

महिलाओं को राजनीति में नेतृत्व की भूमिका देना

नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को राजनीति में केवल प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि वास्तविक नेतृत्व की भूमिका निभाने के अवसर दिए. चाहे वह 2009 के लोकसभा चुनावों में महिलाओं को उम्मीदवार बनाने का मामला हो, या 1999 में कारगिल युद्ध की विधवा सुधा यादव को हरियाणा से बीजेपी सांसद उम्मीदवार बनाना हो, मोदी ने हमेशा महिलाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण कदम उठाए. हाल ही में दिल्ली की मुख्यमंत्री पद पर महिला की नियुक्ति भी इस दिशा में एक और बड़ा कदम था.

स्वाभाविक रूप से महिलाओं का नेतृत्व हर जगह

नरेंद्र मोदी ने हमेशा महिलाओं के स्वाभाविक नेतृत्व की पहचान की. उनका मानना था कि महिलाओं का नेतृत्व किसी कृत्रिम तरीके से नहीं बनाया जाता, बल्कि यह हर जगह स्वाभाविक रूप से मौजूद होता है, बस उसे पहचानने की जरूरत होती है. उन्होंने उन महिलाओं की कहानियां साझा की, जिन्होंने सामान्य परिस्थितियों में असाधारण साहस का प्रदर्शन किया, जैसे एक सब्जी विक्रेता ने पुलिस अत्याचार का सामना किया या एक निरक्षर महिला ने एक सफल सहकारी समिति बनाई.

Bharat Express Desk

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