Gautam Adani AGM 2026
Gautam Adani AGM 2026: अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेस लिमिटेड (AEL) की 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) बुधवार को आयोजित हुई. इस वर्ष AGM की थीम “एक्सेलेरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, लेवरेजिंग इंटेलिजेंस” रही. समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने अपने संबोधन में भारत के बुनियादी ढांचे, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल तकनीक और समूह की भविष्य की विकास रणनीति पर विस्तार से चर्चा की.
गौतम अडानी ने कहा कि आने वाले दशकों में भारत की प्रगति दो प्रमुख स्तंभों इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटेलिजेंस पर आधारित होगी. उन्होंने कहा कि अब दोनों को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता, बल्कि ये एक-दूसरे को मजबूत करने वाली शक्तियां बन चुकी हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग इंफ्रास्ट्रक्चर परिसंपत्तियों की दक्षता बढ़ाने और बेहतर निर्णय लेने में किया जा रहा है.
अदाणी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी प्रतिस्पर्धा का वर्ष रहा, लेकिन समूह ने चुनौतियों के बावजूद अपने विस्तार की गति बनाए रखी. उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, यूटिलिटीज और इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग में निवेश जारी रखते हुए समूह ने दुनिया के सबसे बड़े एकीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म बनने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं.
चेयरमैन ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 के दौरान समूह ने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया. उनके अनुसार यह राशि देश में निजी क्षेत्र द्वारा किए गए कुल नए निवेश का 30 प्रतिशत से अधिक रही. उन्होंने इसे केवल वित्तीय उपलब्धि नहीं बल्कि भारत की विकास यात्रा में समूह के दीर्घकालिक विश्वास का प्रतीक बताया.
अडानी ने कहा कि अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस का ऑर्डर बुक बढ़कर 72,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. कंपनी को वर्ष के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं मिलीं, जिनमें खावड़ा-साउथ ओलपाड HVDC ट्रांसमिशन लाइन प्रमुख है. उन्होंने कहा कि यह परियोजना देश में लंबी दूरी तक नवीकरणीय ऊर्जा के कुशल ट्रांसमिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
समूह ने भूटान की सरकारी बिजली कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन (डीजीपीसी) के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है. इस समझौते के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर 5,000 मेगावाट क्षमता की हाइड्रोपावर परियोजनाओं का विकास करेंगी. अडानी ने कहा कि यह कदम क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग को बढ़ाने के साथ-साथ समूह की नवीकरणीय ऊर्जा उपस्थिति को भी मजबूत करेगा.
गौतम अडानी ने बताया कि समूह ने अगले पांच वर्षों में अपनी कुल बिजली उत्पादन क्षमता को 45 गीगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. उन्होंने कहा कि इससे देश की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी और पावर सेक्टर में समूह की भूमिका और मजबूत होगी.
AGM के दौरान अडानी ने घोषणा की कि अडानी पॉवर भारत के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बिजली विस्तार कार्यक्रम पर काम कर रही है. इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कंपनी 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी. उन्होंने कहा कि यह निवेश देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण साबित होगा.
अपने संबोधन के समापन में गौतम अडानी ने कहा कि आज ऊर्जा सुरक्षा किसी भी राष्ट्र की रणनीति का केंद्रीय हिस्सा बन चुकी है. उन्होंने विश्वास जताया कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक तकनीक के संयोजन से भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा और वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा.
-भारत एक्सप्रेस
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