उत्तर प्रदेश के कई उद्योग निकायों ने महसूस किया कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट 2025 में अर्थव्यवस्था के सामने आने वाली तात्कालिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक मजबूत प्रयास किया है. फिक्की (FICCI) यूपी स्टेट काउंसिल ने लाइव बजट व्यूइंग सेशन आयोजित किया. मनोज गुप्ता (काउंसिल के अध्यक्ष और एमकेयू लिमिटेड के सीएमडी), विश्वास स्वरूप (काउंसिल के सह-अध्यक्ष) और प्रतीक हीरा (फिक्की यूपी टूरिज्म सब कमेटी के अध्यक्ष और टॉरनोस इंडिया के संस्थापक अध्यक्ष और सीईओ) और अन्य ने सत्र में भाग लिया.
मनोज गुप्ता ने कहा: “केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था के सामने आने वाली तात्कालिक चुनौतियों, विशेष रूप से उपभोग के मोर्चे पर, ‘विकसित भारत’ के विजन को आगे बढ़ाने के दीर्घकालिक लक्ष्य पर नजर रखते हुए, एक मजबूत प्रयास किया है.”
FICCI ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक व्यापक, समावेशी और दूरदर्शी बजट पेश करने के लिए बधाई दी, जिसमें सुधारों, राजकोषीय प्रोत्साहन और देश के कृषि क्षेत्र, एमएसएमई, युवाओं और महिलाओं पर स्पष्ट ध्यान केंद्रित किया गया है. उन्होंने कहा, “बजट प्रस्ताव मध्यम वर्ग की भावनाओं को ऊपर उठाकर और निजी क्षेत्र को अपनी निवेश योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करके अर्थव्यवस्था को फिर से सक्रिय करेंगे, क्योंकि सभी क्षेत्रों में मांग में सुधार हुआ है.”
सीआईआई (CII) के उपाध्यक्ष मयूर टंडन ने कहा, “बजट एमएसएमई को अधिक वित्तीय लचीलापन प्रदान करता है, जबकि उद्यमियों को आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए सशक्त बनाता है. इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड से बेहतर कनेक्टिविटी और शहरी विकास के माध्यम से रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जबकि मध्यम वर्ग के लिए कर राहत से डिस्पोजेबल आय में वृद्धि हो सकती है और आवास की मांग को बढ़ावा मिल सकता है.”
इंडो अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के मुकेश सिंह ने कहा, “कृषि, एमएसएमई, निवेश और निर्यात के चार प्रमुख इंजन 2047 तक विकसित भारत की दिशा में हमारी प्रगति को बढ़ाएंगे.” उन्होंने कहा कि बजट ने आर्थिक विकास को गति देने के लिए सभी प्रमुख क्षेत्रों को छुआ है. बजट की प्रशंसा करते हुए, निकाय ने कहा कि बजट में प्रमुख पहलों में ऋण गारंटी कवर को ₹10 करोड़ से बढ़ाकर ₹20 करोड़ करना और 27 फोकस क्षेत्रों में ऋण के लिए गारंटी शुल्क को 1% तक कम करना शामिल है.
AMA हर्बल के सह-संस्थापक और सीईओ तथा भारतीय उद्योग संघ (IIA) के उपाध्यक्ष यावर अली शाह ने कहा, “एमएसएमई में मध्यम उद्यमों के लिए टर्नओवर सीमा को 250 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये करने का सरकार का फैसला सराहनीय है. 500 करोड़ रुपये तक की टर्नओवर सीमा मध्यम उद्यमों को काफी राहत प्रदान करती है. इसके अतिरिक्त, मध्यम उद्योगों के लिए निवेश सीमा को 50 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 125 करोड़ रुपये करने से अधिक निवेश संभव होगा, जिससे औद्योगिक विस्तार और उत्पादन में वृद्धि होगी. व्यापारी पिछले कुछ समय से इस बदलाव की मांग कर रहे थे. यह निर्णय व्यवसायों को अधिक पूंजी जुटाने और अपने परिचालन का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करेगा, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होगा और प्रधानमंत्री के 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.”
-भारत एक्सप्रेस
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