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union budget

बजट तैयारियों के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और STT पर देश-विदेश के निवेशकों द्वारा उठाई जा रही चिंताओं पर प्रतिक्रिया दी है.

PHDCCI Post Budget Session: बुधवार 4 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) में केंद्रीय बजट 2026-27 पर पोस्ट-बजट सत्र का आयोजन किया गया. जिसमें सरकार की योजनाओं को उद्योग के लिए सकारात्मक बताया.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट पेश कर दिया है. यह एनडीए सरकार के लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद दूसरा पूर्ण बजट है. इसके साथ ही निर्मला सीतारमण देश की ऐसी पहली महिला वित्त मंत्री बन गईं, जिन्होंने लगातार नौवीं बार बजट पेश किया. अगर बात करें बजट सत्र की तो इसका पहला चरण 28 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा. सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होगा और यह सत्र दो अप्रैल को समाप्त हो जाएगा.

वीडियो में हम चर्चा करेंगे कि Union Budget 2026 के बाद सोना और चांदी के दाम क्या होंगे — क्या वे घटेंगे या फिर स्थिर रहेंगे? कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट के ऐलान से पहले ही बाजार में गिरावट आई है, और बजट के बाद भी दामों में प्रभाव दिखाई दे सकता है.

बजट में इनकम टैक्स और जीएसटी के बीच का अंतर समझना क्यों जरूरी है? जानिए कैसे ये टैक्स आपकी सेविंग्स, खर्च और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों को तय करते हैं.

PM Modi to Meet Economists: केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले पीएम मोदी आज शीर्ष अर्थशास्त्रियों के साथ बैठक कर भारतीय अर्थव्यवस्था की चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा करेंगे.

जीएसटी (GST) के मोर्चे पर बड़ी राहत मिल सकती है. यह बात हम नहीं कह रहे, बल्कि खुद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात के संकेत दिए हैं.

बजट पेश होने के बाद खुद केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को पुरानी परियोजनाओं को गति देने और नई योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का लक्ष्य दिया

FICCI ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक व्यापक, समावेशी और दूरदर्शी बजट पेश करने के लिए बधाई दी, जिसमें सुधारों, राजकोषीय प्रोत्साहन और देश के कृषि क्षेत्र, एमएसएमई, युवाओं और महिलाओं पर स्पष्ट ध्यान केंद्रित किया गया है.

कृषि, MSME, पर्यटन, नवाचार और निर्यात को बढ़ावा देकर सरकार ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने की ओर बढ़ रही है. यह बजट बल्कि दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता की नींव भी रखता है.