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India’s Job Growth: देश में नौकरी वृद्धि में उभरते शहरों की स्थिति मजबूत, Naukri के आंकड़े में खुलासा

देश के हायरिंग लैंडस्‍कैप (नौकरियों के बाजार) में विभिन्न बदलावों के बीच उभरते शहरों ने प्रभावी प्रदर्शन किया है. हालांकि इस वर्ष की शुरुआत में नौकरियों में गिरावट देखी गई थी, लेकिन दूसरे और तीसरे तिमाही में स्थिति में सुधार आया, खासकर IT Sector में मजबूत वृद्धि और उभरते शहरों में तेजी से विकास के कारण सकारात्‍मक बदलाव देखने को मिला है. यह बात वर्ष 2024 के लिए जॉब पोर्टल Naukri के द्वारा किए गए एक हालिया एनालिसिस से सामने आई है.

जॉब पोर्टल Naukri के एनालिसिस के मुताबिक, भारत के मेट्रो शहरों में, खासकर चेन्नई, हैदराबाद और पुणे ने रिकवरी में अहम भूमिका निभाई. पुणे ने विशेष रूप से दूसरे क्‍वार्टर में मजबूत वृद्धि दर्ज की, जहां तिमाही में 13% की वृद्धि हुई.

उभरते शहरों में महत्वपूर्ण वृद्धि

बड़े शहरों के अलावा, छोटे और उभरते शहरों में भी रोजगार के अवसरों में वृद्धि देखी गई है. इंदौर, उदयपुर, भुवनेश्वर और जयपुर जैसे शहरों में खासा विकास हुआ. उदयपुर ने 17% की वृद्धि दर्ज की, जबकि इंदौर में यह आंकड़ा 14% रहा. जयपुर ने IT Sector में उल्लेखनीय वृद्धि की, जहां तिमाही 3 में 48% की वृद्धि देखी गई, जो इस शहर को एक प्रमुख तकनीकी हब के रूप में उभरते हुए दिखाता है.

संगठित क्षेत्र में भी वृद्धि के संकेत

अहमदाबाद ने भी दूसरे क्‍वार्टर में अच्छा प्रदर्शन किया, खासकर ऑयल एंड गैस, निर्माण/इंजीनियरिंग और लेखा/वित्त क्षेत्रों में. इसके अलावा, एआई/एमएल क्षेत्र में वृद्धि भी दिखाई दी, जहां साल भर में वृद्धि दर 14% से 47% तक रही.

नौकरी के विभिन्न क्षेत्रों में वृद्धि

FMCG सेक्‍टर ने विभिन्न तिमाहियों में सकारात्मक वृद्धि दर बनाए रखी है, जिसमें तिमाही 3 में 20% की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं, फार्मा/बायोटेक क्षेत्र में भी निरंतर वृद्धि देखने को मिली, जो स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं की वजह से है. बीमा क्षेत्र ने दूसरी तिमाही में 37% की वृद्धि दर्ज की, जबकि बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र में मामूली वृद्धि हुई.

अनुभवी पेशेवरों की ओर रुझान

वर्ष 2024 में नौकरियों के बाजार में एक स्पष्ट बदलाव देखा गया, जहां 16+ वर्षों के अनुभव वाले पेशेवरों की भर्ती में सबसे ज्यादा वृद्धि हुई. तिमाही 2 में यह वृद्धि 32% तक पहुंची और बाद की तिमाही में यह मजबूत बनी रही. वहीं, फ्रेशर्स की भर्ती में विशेष रूप से गैर-आईटी क्षेत्रों में वृद्धि देखने को मिली. स्टील, सौंदर्य और वास्तुकला जैसे क्षेत्रों में फ्रेशर्स की मांग बढ़ी.

  • भारत एक्‍सप्रेस
Bharat Express Desk

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