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‘रुकने का समय नहीं…’, गौतम अडानी ने कर्मचारियों को दिया खास संदेश, मुश्किल दौर पर कही बड़ी बात

Gautam Adani Message: अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने बुधवार (12 अगस्त) को अपने कर्मचारियों और अडानी परिवार के साथियों के नाम एक खास संदेश जारी किया. बता दें कि हाल ही में अमेरिकी कोर्ट ने उद्योगपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी के खिलाफ रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी का आपराधिक मामला खारिज कर दिया है. इस फैसले से दोनों के खिलाफ अमेरिका में चल रही आपराधिक कानूनी कार्रवाई खत्म हो गई है.

गौतम अडानी ने हालिया घटनाक्रम को लेकर खुशी जाहिर करने के साथ-साथ इसे अपने लिए विनम्रता और आत्ममंथन का अवसर बताया. उन्होंने कहा कि करीब दो साल तक चली यह यात्रा कठिन और पीड़ादायक रही, लेकिन इस दौरान उन्हें जीवन, लोगों और रिश्तों को एक नई दृष्टि से देखने का अवसर मिला.

‘हमारा स्टैंड सही साबित हुआ’ कहने से किया इनकार

गौतम अडानी ने कहा कि अडानी ग्रुप ने शुरुआत से ही अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को स्पष्ट रूप से नकारा था. ऐसे में शायद लोग उम्मीद कर रहे होंगे कि वह आज यह कहेंगे कि उनका पक्ष सही साबित हुआ है. लेकिन उन्होंने ऐसा कहने से इनकार किया.

उन्होंने कहा कि उनके लिए खुद को सही साबित करने से ज्यादा महत्वपूर्ण पूरी यात्रा को विनम्रता से याद करना है. उनके मुताबिक, इस कठिन दौर ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया और कई चीजों को नए नजरिए से समझने का अवसर दिया.

न्याय व्यवस्था पर भरोसा हुआ और मजबूत

अडानी ने कहा कि लगभग दो साल चली इस प्रक्रिया के दौरान उन्हें कठिनाइयों और पीड़ा का सामना करना पड़ा, लेकिन इससे न्याय व्यवस्था में उनका विश्वास और मजबूत हुआ. उन्होंने कहा कि अपने सत्य पर विश्वास रखना जरूरी है, लेकिन अपने सत्य के लिए पूरी निडरता के साथ खड़ा होना और जरूरत पड़ने पर लड़ना भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि अब जब यह अध्याय समाप्त हो चुका है, न्याय व्यवस्था में उनका विश्वास पहले से कहीं अधिक मजबूत है.

‘अडानी की यात्रा भी Rule of Law की कहानी’

गौतम अडानी ने खुद को ‘first-generation entrepreneur’ बताते हुए कहा कि वह कभी नहीं भूल सकते कि अडानी की अपनी यात्रा भी रूल ऑफ लॉ से मिले लेवल प्लेइंग फील्ड और अवसरों की कहानी है.

उन्होंने इस मुश्किल दौर में अडानी ग्रुप की टीमों, कर्मचारियों, श्रमिकों, सप्लायर्स, वेंडर्स, कॉन्ट्रैक्टर्स और पार्टनर्स की भूमिका की विशेष सराहना की. उन्होंने कहा कि जब बाहर बहुत शोर था, तब ग्रुप से जुड़े लोग चुपचाप अपना काम करते रहे. यही वजह रही कि जिन वर्षों को सबसे कठिन वर्ष कहा गया, वही ग्रुप के इतिहास के सबसे अच्छे वर्षों में भी शामिल रहे.

समर्थकों और आलोचकों दोनों का जताया आभार

अडानी ने अपने संदेश में उन लोगों को भी याद किया, जिन्होंने मुश्किल समय में उनका साथ दिया. उन्होंने बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसे लोग मिले जिन्हें वह जानते तक नहीं थे, लेकिन वे उनका हाथ पकड़कर समर्थन जताते, उनके लिए प्रार्थना करने की बात कहते या बिना कुछ बोले हाथ जोड़ लेते थे.

उन्होंने कहा कि इन लोगों का उनसे कोई स्वार्थ नहीं था, केवल स्नेह था और वह इस स्नेह को जीवनभर नहीं भूलेंगे. साथ ही उन्होंने उन लोगों का भी आभार जताया, जिन्होंने अडानी ग्रुप की आलोचना की और कठिन सवाल पूछे. उनके मुताबिक, वह आलोचना को हमेशा खुद के भीतर झांकने और बेहतर बनने के अवसर के रूप में देखते हैं.


ये भी पढ़ें: क्लीन चिट मिलते ही गौतम अदाणी ने की विशेष पूजा, कठिन समय में साथ देने वालों का जताया आभार


मुश्किल दौर को बताया सीखने का अवसर

गौतम अडानी ने ईश्वर का आभार जताते हुए कहा कि जीवन में उन्हें उनकी अपेक्षाओं से कहीं ज्यादा मिला है, अच्छे समय भी और कठिन परीक्षाएं भी. उन्होंने कहा कि अब वह यह सवाल नहीं करते कि परीक्षा क्यों आई, बल्कि इस बात के लिए आभारी हैं कि उस दौर ने उन्हें कुछ और सीखने, समझने और शायद अधिक विनम्र बनने का अवसर दिया.

‘रुकने का समय नहीं’

अपने संदेश के अंत में अडानी ने अडानी ग्रुप के साथियों को भविष्य के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि एक अध्याय समाप्त हुआ है, लेकिन यह रुकने या उपलब्धियों पर आराम करने का समय नहीं है. उन्होंने कहा कि ग्रुप की यात्रा अभी बहुत लंबी है और उसकी जिम्मेदारी उससे भी बड़ी है. उन्होंने सभी से अपील की कि इस यात्रा से मिली सीख को साथ लेकर और अधिक मेहनत करें, हर दिन बेहतर बनें और मिलकर विकसित भारत के सपने को साकार करें.

गौतम अडानी ने अंत में ग्रुप के साथियों के विश्वास, साथ और स्नेह के लिए दिल से धन्यवाद दिया और अपने संदेश का समापन ‘जय हिन्द, जय भारत’ के साथ किया.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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