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भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने का फैसला किया है. इसका सीधा मतलब यह है कि देश में फिलहाल आपकी होम लोन या कार लोन की EMI न तो बढ़ेगी और न ही घटेगी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया के कई देशों में ब्याज दरें इतनी ज्यादा हैं कि वहां लोन लेना आम आदमी की कमर तोड़ देता है, तो वहीं कुछ देश ऐसे भी हैं जहां ब्याज दर शून्य के करीब है?
दुनिया में सबसे महंगी ब्याज दरों की बात करें तो पाकिस्तान का दोस्त तुर्की इस लिस्ट में सबसे ऊपर है. तुर्की के सेंट्रल बैंक ने अपनी ब्याज दर को 37% पर रखा हुआ है. तुर्की में भीषण महंगाई और वहां की मुद्रा ‘लीरा’ की तेजी से गिरती वैल्यू को संभालने के लिए बैंक को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है.
दूसरे नंबर पर आर्थिक संकट से जूझ रहा दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना है, जहां ब्याज दर 29% है. इसके अलावा नाइजीरिया में 26.5%, ब्राजील और रूस में 14%, कोलंबिया में 12%, आयरलैंड में 7.75%, साउथ अफ्रीका में 7%, मेक्सिको में 6.5% और हंगरी व इंडोनेशिया में 5.75% की दर से ब्याज लग रहा है. दुनिया के करीब 11 बड़े देश ऐसे हैं जहां ब्याज दरें भारत से कहीं अधिक हैं.
अगर भारत (5.25%) से कम ब्याज दरों वाले देशों की बात करें, तो स्विट्जरलैंड सबसे आगे है जहां ब्याज दर शून्य (0%) है. वहीं जापान में यह महज 1% है.
अन्य प्रमुख देशों की बात करें तो न्यूजीलैंड में ब्याज दर 2.5%, साउथ कोरिया में 2.75%, चीन में 3%, अमेरिका और यूके में 3.75%, सऊदी अरब में 4.25% और ऑस्ट्रेलिया में 4.35% है. अमेरिका का फेडरल रिजर्व सितंबर में अपनी ब्याज दरों की समीक्षा करने जा रहा है, जहां जानकारों का मानना है कि दरें फिर से स्थिर रखी जा सकती हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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