MCX Gold Price (AI Image)
Gold Silver Rate Drop: पिछले कारोबारी हफ्ते में सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई. बिकवाली के भारी दबाव के बीच अब निवेशक यह जानने को उत्सुक हैं कि अगले हफ्ते मार्केट का रुख क्या होगा (MCX Gold Price).
अगले हफ्ते सोने-चांदी की दिशा मुख्य रूप से अमेरिका, चीन और भारत के आर्थिक आंकड़ों, महंगाई दर (CPI), और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव पर निर्भर करेगी. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बाजार में अभी सुधार (Correction) का दौर जारी रह सकता है.
पिछले सप्ताह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली. बिकवाली के भारी दबाव के चलते दोनों कीमती धातुएं लगातार कमजोर रहीं. अब बाजार के विश्लेषकों और निवेशकों की नजरें अगले सप्ताह आने वाले कई महत्वपूर्ण वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर टिक गई हैं, जो कमोडिटी मार्केट की अगली दिशा तय करेंगे.
विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के ताजा हालात और कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर सोने पर देखने को मिल सकता है. आमतौर पर वैश्विक तनाव बढ़ने की स्थिति में निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की तरफ भागते हैं, लेकिन हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने निवेशकों का ध्यान दूसरी संपत्तियों की ओर भी खींचा है.
अगले सप्ताह चीन और अमेरिका के व्यापार तथा महंगाई (Inflation) से जुड़े आंकड़े जारी होने वाले हैं. इसके साथ ही अमेरिका के कंज्यूमर सेंटीमेंट और भारत की खुदरा महंगाई दर (CPI) के आंकड़े भी सामने आएंगे. ये सभी आंकड़े केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बदलाव और भविष्य की आर्थिक गतिविधियों का संकेत देंगे, जिसका सीधा असर बुलियन मार्केट पर पड़ेगा. इसके अलावा, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की मौद्रिक नीति से जुड़े फैसले भी डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड को प्रभावित कर सकते हैं.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना पिछले सप्ताह 5,317 रुपये यानी 3.3 फीसदी की कमजोरी के साथ 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. वहीं, जुलाई डिलीवरी वाली चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई; यह 18,461 रुपये यानी करीब 7 फीसदी गिरकर 2.48 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई. अंतरराष्ट्रीय बाजार (Comex) में भी सोना करीब 5 फीसदी और चांदी लगभग 9 फीसदी तक टूट गई.
कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल सोने और चांदी में किसी बड़े उछाल के बजाय करेक्शन (Decline and stability) का दौर नजर आ रहा है. मजबूत होते डॉलर, ऊंची ब्याज दरों की आशंका और रुपये की मजबूती के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना रह सकता है. यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,400-4,500 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे बना रहता है, तो घरेलू बाजार में भी तेजी सीमित रहेगी. ऐसे में निवेशकों को अगले हफ्ते फूंक-फूंक कर कदम रखने की सलाह दी गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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