GST 2.0: स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ने जीएसटी सुधारों के अगले चरण का संकेत दिया था. उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद ने बड़ा बदलाव किया है. अब चार कर स्लैब घटाकर सिर्फ दो रह गए हैं. यह फैसला मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है. ज़्यादातर ज़रूरी सामान पर या तो कोई टैक्स नहीं लगेगा या फिर केवल 5% कर देना होगा.
ऐसे समय में जब कई देश सुरक्षा-आधारित व्यापार नीति अपना रहे हैं, भारत ने घरेलू खपत पर ध्यान देने का रास्ता चुना है. नए सुधारों से उपभोग और निवेश दोनों को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही कर व्यवस्था और पारदर्शी, सरल और निष्पक्ष बनेगी.
आर्थिक सुधारों का सबसे बड़ा असर मध्यम वर्गीय परिवारों पर दिखेगा. अगर किसी परिवार की सालाना आय 12 लाख रुपये है और उसका आधा हिस्सा रोज़मर्रा की ज़रूरतों पर खर्च होता है, तो सिर्फ जीएसटी कटौती से ही लगभग 45,000 रुपये की बचत होगी. यह उनकी कुल खर्च का लगभग 10% है. आयकर छूट के साथ यह लाभ और बढ़ जाता है. यह अतिरिक्त बचत त्योहारों की खरीदारी से लेकर ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर तक खपत को तेज करेगी.
ऑटोमोबाइल बिक्री पिछले कुछ समय से धीमी थी. सरकार ने इस क्षेत्र में भी राहत दी है. छोटे इंजन वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर जीएसटी दर 28% से घटाकर 18% कर दी गई है. इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है. दोपहिया खरीदने वाले परिवार को लगभग 10,000 रुपये की बचत होगी. यह राशि या तो अन्य खरीदारी में खर्च की जा सकती है या फिर बचत में जोड़ी जा सकती है.एफएमसीजी और घरेलू उपकरण क्षेत्र को भी बड़ा लाभ होगा. वहीं कार्बोनेटेड ड्रिंक्स को अब तंबाकू जैसी ‘अयोग्य वस्तुओं’ की श्रेणी में रखा गया है. यह सरकार की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को दर्शाता है.
ये भी पढ़ें: GST दर में कटौती से घटेगा महंगाई का दबाव, ब्याज दरों में राहत की उम्मीद
जीएसटी 2.0 ने उलटे शुल्क ढांचे जैसी पुरानी समस्याओं को खत्म कर दिया है. कपड़ा और सौर उपकरण जैसे सेक्टर अब आसानी से नकदी प्रवाह प्रबंधित कर पाएंगे. केवल दो स्लैब होने से वर्गीकरण पर विवाद काफी कम हो जाएंगे. छोटे और मध्यम उद्यमों को भी फायदा होगा. अब वे कागज़ी काम के बजाय अपने विकास पर ध्यान दे सकेंगे.
भारत जब संविधान के 75 वर्ष पूरे कर रहा है, तब जीएसटी परिषद ने संघवाद की सच्ची भावना दिखाई है. राज्यों और केंद्र ने मिलकर जटिल कर प्रणाली को सरल बनाया है. यह उपलब्धि केवल कुछ ही देशों ने हासिल की है.
ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर जैसे देशों ने सरल कर प्रणाली से व्यापार सुगमता और निवेशकों का विश्वास हासिल किया है. भारत भी अब उसी राह पर है. जीएसटी 2.0 न केवल घरेलू कंपनियों को निवेश और विस्तार का मौका देगा, बल्कि वैश्विक निवेशकों को भी आकर्षित करेगा. कर बाधाओं से बची पूंजी अब नए संयंत्र, तकनीकी सुधार और रोजगार सृजन में लगेगी. इससे हजारों नई नौकरियाँ और भारत की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी.
Also Follow Bharat Express on X
-भारत एक्सप्रेस
Aaj Ka Panchang 3 October 2026: आज आश्विन कृष्ण सप्तमी तिथि है. जानें अभिजीत मुहूर्त,…
Karwan Geeton Ka Neeraj Event: नई दिल्ली में 4 अक्टूबर को ‘कारवां गीतों का... नीरज’…
Aaj Ka Rashifal 3 October 2026: शनिवार को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का 12 राशियों पर…
Aaj Ka Rashifal Mesh Rashi: मेष राशि वालों के लिए आज कार्यस्थल पर बदलाव और…
Aaj Ka Rashifal Vrish Rashi: वृष राशि वालों के लिए आज पुराने अटके कामों में…
Aaj Ka Rashifal Mithun Rashi: मिथुन राशि वालों के लिए आज रवि योग नए प्रयासों…