बिजनेस

होर्मुज संकट से दुनिया पर महामंदी का साया: क्या भारत बचा पाएगा अपनी अर्थव्यवस्था?

Hormuz Strait Crisis: ईरान युद्ध के चलते सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज’ के बंद होने से दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहरा गया है. ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान द्वारा इस समुद्री मार्ग पर लगाए गए प्रतिबंधों ने वैश्विक बाजारों में हड़कंप मचा दिया है.

भारत ने उठाया बड़ा कदम (India Plan For Hormuz Strait Crisis)

ऊर्जा आयात पर भारी निर्भरता को देखते हुए भारत ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण लंबे समय से ईरानी कच्चे तेल से दूरी बनाए रखने के बाद, भारत ने पहली बार ईरान से तेल खरीदा है. भारत ने ईरान से 44,000 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) का भी आयात किया है, जिसकी खेप मैंगलोर बंदरगाह पहुँच चुकी है.

$170 प्रति बैरल का खतरा

विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि यदि यह व्यवधान अगले तीन महीनों तक जारी रहा, तो कच्चे तेल की कीमतें 170 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच सकती हैं. वहीं, यदि संघर्ष 6 महीने तक खिंचता है, तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था मंदी (Recession) की चपेट में आ जाएगी.

अनाज और खाद पर भी संकट

होर्मुज की नाकेबंदी का असर केवल पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं है. युद्ध शुरू होने के बाद से खाद की कीमतों में 50 प्रतिशत तक का उछाल आया है, जिससे भविष्य में खाद्य मुद्रास्फीति (Food Inflation) बढ़ने का खतरा है.

ये भी पढ़ें: क्या अमेरिका के लिए वियतनाम जैसा होगा ईरान युद्ध का हश्र? 23 साल बाद दुश्मन ने गिराए अमेरिकी फाइटर जेट, टेंशन में ट्रंप

प्लास्टिक, टेक्सटाइल और उपभोक्ता सामान बनाने वाले पेट्रोकेमिकल प्लांट को कच्चे माल की कमी का सामना करना पड़ रहा है. भारत और चीन जैसे देशों के औद्योगिक उत्पादन पर इसका बुरा असर पड़ रहा है. खाड़ी में हजारों कंटेनर और जहाज फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक व्यापार का प्रवाह रुक गया है.

कई देशों में ईंधन की ‘राशनिंग’ शुरू (Hormuz Strait Crisis Impact)

संकट को देखते हुए कई देशों ने ईंधन के उपयोग पर नियंत्रण (Rationing) और संरक्षण के उपाय लागू कर दिए हैं. सरकारें अब आपातकालीन रिजर्व का उपयोग करने और वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों की तलाश में जुटी हैं.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

Recent Posts

ग्वालियर में दशहरे पर दिखी सदियों पुरानी परंपरा, शस्त्र पूजन के साथ 745 वीर नागा साधुओं को दी गई श्रद्धांजलि

MP News: ग्वालियर की ऐतिहासिक गंगादास बड़ी शाला में विजयदशमी पर पारंपरिक शस्त्र पूजन का…

11 minutes ago

सावधान दिल्ली! 1 नवंबर से विंटर लॉकडाउन, क्या हैं सरकार की 5 लक्ष्मण रेखा?

Delhi Winter Action Plan: दिल्ली में 1 नवंबर से 28 फरवरी तक सख्त विंटर एक्शन…

33 minutes ago

अमित शाह के पंजाब दौरे से सियासी हलचल तेज, भाजपा ने मान सरकार पर उठाए सवाल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे के बीच राज्य की राजनीति गरमा गई…

1 hour ago

दशहरे पर गरमाई सियासत: अनिल विज के 5 बड़े बयान, बिजली फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने का ऐलान

Haryana News: हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने विजयादशमी पर विपक्ष पर साधा निशाना.…

1 hour ago

उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा: पार्थिव शिवलिंग पूजन के बाद दिग्विजय सिंह का ‘धर्म की सियासत’ पर करारा हमला

MP Politics: महाकाल की नगरी उज्जैन से अयोध्या तक दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन स्वाभिमान…

1 hour ago

शीतला माता मंदिर हादसे में बढ़ा मौतों का आंकड़ा, एक और घायल ने तोड़ा दम, 16 हुई मृतकों की संख्या

Sheetla Mata Temple Accident: ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण ट्रक हादसे…

1 hour ago