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क्या अमेरिका के लिए वियतनाम जैसा होगा ईरान युद्ध का हश्र? 23 साल बाद दुश्मन ने गिराए अमेरिकी फाइटर जेट, टेंशन में ट्रंप

US Fighter Jet Shot Down By Iran: ईरान से जंग में ट्रंप के दावों के उलट अमेरिका को बड़ा नुकसान हुआ है. 23 साल बाद दुश्मन की फायरिंग में अमेरिकी फाइटर जेट गिरे हैं, जिससे खाड़ी में तनाव चरम पर है.

donald trump
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

US Israel Iran Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि अमेरिका ने ईरान की वायु सेना को पूरी तरह पस्त कर दिया है और ईरानी आसमान पर अब अमेरिका का राज है. लेकिन युद्ध के मैदान से आ रही तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं. पिछले 24 घंटों के भीतर ईरान ने न सिर्फ अमेरिकी फाइटर जेट्स को निशाना बनाया, बल्कि बचाव कार्य में लगे हेलीकॉप्टरों पर भी हमला किया है.

ट्रंप के दावों पर फिर रहा पानी

2 अप्रैल को राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए कहा था कि ईरान के पास अब जवाब देने की हिम्मत नहीं बची है. उन्होंने और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बड़े आत्मविश्वास के साथ कहा था कि अमेरिकी विमान तेहरान के ऊपर बेखौफ उड़ रहे हैं. हालांकि, इस भाषण के महज 48 घंटों के भीतर अमेरिका को वह नुकसान झेलना पड़ा, जो उसने पिछले 23 सालों में नहीं देखा था. 2003 के इराक युद्ध के बाद यह पहली बार है जब किसी दुश्मन देश की फायरिंग में अमेरिकी लड़ाकू विमान गिरकर तबाह हुए हैं.

24 घंटे में कैसे हुआ यह बड़ा हमला?

ईरानी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, सबसे पहले ईरान के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में अमेरिका का एक F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट मार गिराया गया. जब इस जेट के पायलटों को बचाने के लिए A-10 अटैक एयरक्राफ्ट मौके पर पहुंचा, तो ईरान ने उस पर भी हमला कर दिया. घायल अवस्था में A-10 विमान किसी तरह कुवैत की सीमा तक पहुंचा, जहां पायलट ने सुरक्षित तरीके से इजेक्ट किया, लेकिन विमान पूरी तरह नष्ट हो गया.

इतना ही नहीं, लापता क्रू मेंबर्स की तलाश में भेजे गए दो ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टरों को भी ईरानी हमलों का सामना करना पड़ा. हालांकि, राहत की बात यह रही कि हेलीकॉप्टर पर सवार सैनिक सुरक्षित बचा लिए गए.

7 अमेरिकी विमान हो चुके हैं तबाह

इस एक महीने की जंग में अमेरिकी वायुसेना को भारी कीमत चुकानी पड़ी है. आंकड़ों पर नजर डालें तो नुकसान का सिलसिला मार्च की शुरुआत से ही जारी है:

  • 2 मार्च: कुवैत में ‘फ्रेंडली फायर’ (गलती से अपनी ही गोलाबारी) की वजह से 3 F-15 विमान गिर गए.
  • 12 मार्च: इराक में एक टैंकर विमान क्रैश हुआ, जिसमें 6 अमेरिकी सैनिकों की जान चली गई.
  • 27 मार्च: सऊदी अरब के एयरबेस पर एक जासूसी विमान (E-3 सेंट्री) नष्ट हुआ.
  • 3 अप्रैल: पहली बार दुश्मन की सीधी फायरिंग में F-15 और A-10 जेट्स तबाह हुए.

लापता अमेरिकी पायलट की तलाश जारी

CBS की रिपोर्ट के अनुसार, मार गिराए गए F-15E जेट में दो क्रू मेंबर सवार थे. इनमें से एक को बचा लिया गया है, लेकिन दूसरा अब भी लापता है. ईरान का दावा है कि लापता पायलट उनके इलाके में पैराशूट से उतरा है. अगर वह ईरान के कब्जे में आता है, तो यह अमेरिका के लिए एक बड़ी कूटनीतिक और सैन्य चुनौती बन सकता है. फिलहाल, पूरे मध्य पूर्व में तनाव अपने उच्चतम स्तर पर है और ट्रंप प्रशासन पर इन नुकसानों को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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