PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत का ऊर्जा क्षेत्र करीब 100 अरब डॉलर के निवेश के लिए तैयार है और आने वाले समय में भारत वैश्विक ऊर्जा बाजार को दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने यह बातें इंडिया एनर्जी वीक 2026 के दौरान दुनिया की बड़ी ऊर्जा कंपनियों के सीईओ से बातचीत में कहीं.
उन्होंने कहा कि मजबूत आर्थिक आधार और लगातार हो रहे सुधारों की वजह से भारत तेज़ी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत का असर दुनिया भर में ऊर्जा की मांग और आपूर्ति पर साफ दिखाई देगा.
उन्होंने बताया कि तेल और गैस की खोज और उत्पादन में करीब 100 अरब डॉलर का निवेश संभव है.
प्रधानमंत्री मोदी ने निवेशकों के अनुकूल नीतियों की तारीफ करते हुए कहा कि इन सुधारों से भारत में पारदर्शी, स्थिर और प्रतिस्पर्धी माहौल बना है.
उन्होंने कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) क्षेत्र में 30 अरब डॉलर के अवसर का भी जिक्र किया और इसे भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन का अहम हिस्सा बताया. इस बैठक में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और राज्य मंत्री सुरेश गोपी भी मौजूद थे.
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं से सीधी बातचीत से सरकार को नीतियां बेहतर बनाने और सेक्टर से जुड़ी समस्याएं जल्दी सुलझाने में मदद मिलती है. उन्होंने कहा कि इस तरह के संवाद से भारत की छवि एक भरोसेमंद और पसंदीदा निवेश स्थल के रूप में और मजबूत होती है.
वैश्विक ऊर्जा कंपनियों के सीईओ ने भारत की लंबी अवधि की विकास संभावनाओं पर भरोसा जताया.
उनका कहना था कि नीतियों में स्थिरता, सुधारों की रफ्तार और ऊर्जा की लगातार बढ़ती मांग भारत को आकर्षक बाजार बनाती है.
कई कंपनियों ने भारत में अपने कारोबार को और बढ़ाने की योजना भी साझा की. इस राउंडटेबल में 27 सीईओ और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. जिसमें TotalEnergies, BP, Vitol, HD Hyundai, Aker, LanzaTech, Trafigura, ReNew, Praj, Wood Mackenzie और International Energy Forum जैसी बड़ी कंपनियां शामिल थीं.
प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा क्षेत्र की पूरी श्रृंखला में बड़े अवसरों की बात की. उन्होंने गैस आधारित उद्योग, रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल्स, साथ ही समुद्री और जहाज निर्माण क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं गिनाईं. उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में मौजूदा अनिश्चितता नए प्रयोग और साझेदारी के रास्ते खोलती है.
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प्रधानमंत्री ने कंपनियों से अपील की कि वे तकनीक, निवेश और टिकाऊ विकास के लिए भारत के साथ मिलकर काम करें.
अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत एक विश्वसनीय वैश्विक ऊर्जा साझेदार बनने के लिए पूरी तरह तैयार है और आने वाले वर्षों में दुनिया की ऊर्जा मांग और आपूर्ति के संतुलन में भारत की भूमिका केंद्र में रहेगी.
-भारत एक्सप्रेस
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