Ajit Pawar Death: दुनिया भर में हवाई यात्रा को सुविधा और तेज परिवहन का जरिया माना जाता है. इसके जरिये कोई व्यक्ति कुछ ही घंटों में लंबी दूरी तय कर सकता है. लेकिन कभी-कभी यह जिंदगी और मौत का खेल भी बन जाता है. आज 28 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की प्लेन दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई, लेकिन इतिहास में कई ऐसे नेता हुए हैं जिनकी हवाई हादसों में जान बच गई. वो कौन-कौन से नेता हैं जिनकी हवाई हादसों में जान बच गई.
साल 1977 की बात है. जब पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का विमान असम में क्रैश हो गया. उस समय उनके साथ अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पी.के. थुंगोन भी मौजूद थे. इस हादसे में मोरारजी देसाई बाल-बाल बच गए, लेकिन थंगोन बुरी तरह घायल हो गए. हादसे में उनका पैर फ्रैक्चर हो गया था.
भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष राजनाथ सिंह साल 2010 में भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी से रामपुर उत्तर प्रदेश जा रहे थे. इसी दौरान उनका हेलीकॉप्टर सूखी घास के ढेर पर लैंड कराया गया. हेलीकॉप्टर के उतरते ही घास में आग लग गई. आनन-फानन में पायलट ने तुरंत उड़ान भर दी और सुरक्षित जगह लैंड करने में सफल हुआ.
कैप्टन अमरिंदर सिंह बाल-बाल बच गए
साल 2007 में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके सहयोगी मंत्री पी.एस. बाजवा का हेलीकॉप्टर गुरदासपुर में बिजली के तारों में उलझ गया. हालांकि इस दौरान दोनों को कोई खतरा नहीं हुआ.
इसके ठीक दो साल बाद 30 अगस्त 2009 को पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के चार्टर्ड हेलीकॉप्टर की फिरोजपुर में इमरजेंसी लैंडिंग हुई. इस दौरान सुखबीर सिंह बादल सुरक्षित बच निकले.
साल 2001 में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत का हेलीकॉप्टर चुरू जिले में एक पेड़ से जा टकराया. हालांकि इस हादसे में अशोक गहलोत सुरक्षित बच गए.
देवेंद्र फडणवीस भी हो चुके हैं शिकार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी विमान हादसे में बच निकले हैं. 25 मई 217 को उनका हेलीकॉप्टर 80 फीट की ऊंचाई से लतूर जिले के नीलंगा हेलीपैड पर क्रैश लैंड किया था. इस हादसे में महाराष्ट्र सीएम और उनके साथ मौजूद सभी अधिकारी और पायलट सुरक्षित निकल गए थे.
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इन घटनाओं को देख हम समझ सकते हैं कि हवाई यात्रा में जोखिम जरूर होता है, लेकिन कभी-कभी यह अपनी नियति पर भी निर्भर करता है.
-भारत एक्सप्रेस
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