बिजनेस

भारत-अमेरिका के बीच बड़ी ट्रेड डील के बाद अब सस्ता होगा व्यापार, इन सेक्टर्स की चमकने वाली है किस्मत- PHDCCI

India-US Interim Trade Agreement: भारतीय निर्यातकों और व्यापार जगत के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है. भारत और अमेरिका ने आखिरकार अपने अंतरिम टैरिफ समझौते पर मुहर लगा दी है. सरल भाषा में कहें तो, अब दोनों देशों के बीच व्यापार करना पहले से आसान और सस्ता हो जाएगा. इस समझौते का सीधा असर भारतीय सामानों की कीमतों और उनकी डिमांड पर पड़ेगा, जिससे भारतीय इकोनॉमी को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है.

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) के अध्यक्ष राजीव जुनेजा ने इस ऐतिहासिक कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह समझौता भविष्य में होने वाले एक बड़े ‘द्विपक्षीय व्यापार समझौते’ की नींव रखेगा.

क्या होगा इस समझौते का असर?

इस डील के तहत, अमेरिका अब भारतीय मूल के कई सामानों जैसे- कपड़ा, जूते-चप्पल, प्लास्टिक, रबर, और मशीनरी पर 18 प्रतिशत की एक स्थिर टैरिफ दर लागू करेगा. सबसे बड़ी राहत फार्मा और ज्वेलरी सेक्टर को मिली है. जेनेरिक दवाएं, हीरे-जवाहरात और एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर लगने वाले शुल्क को धीरे-धीरे पूरी तरह खत्म करने की योजना है. इसके अलावा, सुरक्षा के नाम पर भारतीय एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर जो एक्स्ट्रा टैक्स लगते थे, उन्हें भी अब हटा लिया जाएगा.

इन 5 सेक्टर्स को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा:

दवाइयां: भारत की जेनेरिक दवाओं की अमेरिका में भारी मांग है. टैक्स कम होने से अब भारतीय दवा कंपनियां वहां और भी बड़े स्तर पर अपना विस्तार कर सकेंगी.

जेम्स और ज्वेलरी: भारत का हीरा पॉलिशिंग उद्योग दुनिया में मशहूर है. अब अमेरिका में एक्सपोर्ट बढ़ने से इस सेक्टर में काम करने वाले लाखों लोगों को फायदा होगा और कंपनियों का मुनाफा बढ़ेगा.

टेक्सटाइल और कपड़े: भारत का कपड़ा उद्योग बहुत बड़ा और रोजगार देने वाला सेक्टर है. अमेरिकी बाजार में कॉम्पिटिशन बढ़ने से भारतीय गारमेंट्स की मांग में तेजी आएगी.

एविएशन और इंजीनियरिंग: एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर ड्यूटी हटने से भारत के उभरते हुए एयरोस्पेस और मेंटेनेंस (MRO) सेक्टर को ग्लोबल पहचान मिलेगी. साथ ही भारी मशीनरी और ऑटो कंपोनेंट्स का एक्सपोर्ट भी बढ़ेगा.

हस्तशिल्प और होम डेकोर: हमारे कारीगरों द्वारा बनाए गए हाथ के हुनर और घर की सजावट के सामान अब अमेरिकी घरों की शोभा और भी ज्यादा बढ़ाएंगे, क्योंकि अब ये वहां के लोगों के लिए किफायती होंगे.

PHDCCI के सीईओ और सचिव जनरल डॉ. रंजीत मेहता ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के रिश्तों में एक नया अध्याय है. इससे न केवल निर्यातकों को फायदा होगा, बल्कि निवेश के नए रास्ते भी खुलेंगे. दोनों देश अब एक ऐसी ‘सप्लाई चेन’ बनाने पर काम कर रहे हैं, जो किसी भी वैश्विक संकट में डगमगाए नहीं.

ये भी पढ़ें- भारत-अमेरिका ट्रेड डील का फ्रेमवर्क जारी, जानें आपको क्या मिला और क्या नहीं?

 

Radha Priya

Recent Posts

‘₹500 दो वरना गोली मार देंगे…’: इटावा में रंगदारी न मिलने पर दबंगों ने चलाईं गोलियां, 2 घायल

इटावा में महज 500 रुपये की रंगदारी न देने पर कार सवार दबंगों ने दो…

2 hours ago

दिवाली से पहले रेलवे का बड़ा तोहफा, मुंबई और पुणे से गोरखपुर के बीच चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने मुंबई और…

2 hours ago

अमेरिका का बड़ा फैसला! Infosys-TCS समेत 8 दिग्गज कंपनियां PERM प्रोग्राम से सस्पेंड, H-1B वर्कर्स पर असर संभव

PERM Program Suspension: अमेरिका ने PERM प्रोग्राम से इंफोसिस, TCS, विप्रो, HCL, कॉग्निजेंट, माइक्रोसॉफ्ट और…

3 hours ago

UP फतह के लिए BJP-RSS का मास्टरस्ट्रोक, 80 हजार बैठकों के पीछे क्या है प्लान?

UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में बीजेपी और आरएसएस…

3 hours ago

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में जियो का बड़ा विजन, AI से बदलेगी वॉयस-डेटा सर्विस; 6G में दुनिया को लीड करने का दावा

India Mobile Congress 2026: इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी…

3 hours ago

रांची में चौक के नाम पर सियासी बवाल, BJP ने बदला नाम तो कांग्रेस ने रातों-रात उखाड़ा बोर्ड

रांची के हरमू स्थित जनरल ए.एस. वैद्य चौक का नाम बदलने को लेकर बीजेपी और…

3 hours ago