वैल्यू म्यूचुअल फंड में निवेशकों की रुचि बढ़ रही है. 2024 में 22,757 करोड़ रुपये का इनफ्लो हुआ, जो 2023 से लगभग दोगुना है. यह उछाल निवेशकों के ध्यान में बुनियादी रूप से मजबूत लेकिन कम मूल्य वाले शेयरों की ओर बदलाव को दर्शाता है.
उद्योग के आंकड़ों से पता चलता है कि औसतन, वैल्यू म्यूचुअल फंड ने 2024 में 21 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया, जबकि पिछले तीन वर्षों में लगभग 20 प्रतिशत का रिटर्न मिला है.
स्टॉक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ट्रेडजिनी (Tradejini) के सीओओ त्रिवेश डी के अनुसार वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद 2025 के लिए उम्मीद है कि वैल्यू म्यूचुअल फंड ध्यान आकर्षित करना जारी रखेंगे. उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा संभावित ब्याज दर में कटौती तथा अमेरिकी नीतियों सहित भू-राजनीतिक बदलाव जैसे कारक निवेशकों की भावना को प्रभावित कर सकते हैं.
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के अनुसार, प्रवाह के संदर्भ में, वैल्यू म्यूचुअल फंड में कुल राशि 2024 में 22,757 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो 2023 में 11,927 करोड़ रुपये से उल्लेखनीय वृद्धि है. पूंजी के इस प्रवाह ने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 39 प्रतिशत की वृद्धि में योगदान दिया, जो दिसंबर 2024 तक 1.88 ट्रिलियन रुपये तक बढ़ गया, जो 2023 में 1.33 ट्रिलियन रुपये था.
यूटीआई वैल्यू फंड, एक्सिस वैल्यू फंड, क्वांटम लॉन्ग टर्म इक्विटी वैल्यू फंड और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल वैल्यू डिस्कवरी फंड जैसे कई प्रमुख वैल्यू फंड निवेश के लिए उपलब्ध हैं. इन फंडों ने पिछले साल अच्छा रिटर्न दिया है.
इसके अलावा, महिंद्रा मनुलाइफ वैल्यू फंड, जो 7 फरवरी को अपना नया फंड ऑफरिंग (NFO) लॉन्च कर रहा है, निवेशकों की दिलचस्पी को आकर्षित कर सकता है. यह फंड तीन मुख्य निवेश स्तंभों पर बनाया गया है – गुणवत्ता वाली कंपनियां, रिकवरी मोड में फर्म और लंबी अवधि के विकास के लिए तैयार क्षेत्र. इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों और बाजार पूंजीकरणों में एक विविध पोर्टफोलियो बनाना है.
जर्मिनेट इन्वेस्टर सर्विसेज के को-फाउंडर और सीईओ संतोष जोसेफ ने कहा कि वैल्यू म्यूचुअल फंडों में निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जिसका मुख्य कारण पिछले मजबूत प्रदर्शन और प्रमुख क्षेत्रों में पुनरुत्थान है.
2023 और 2024 में वैल्यू फंड रैली को बढ़ावा देने वाले क्षेत्रों में धातु, रियल एस्टेट, निर्माण, पूंजीगत सामान, सार्वजनिक उपक्रम और विनिर्माण शामिल हैं, जो सरकारी बुनियादी ढांचे के खर्च और औद्योगिक विस्तार से समर्थित होने के साथ मजबूत बने रहने की उम्मीद है.
आनंद राठी वेल्थ लिमिटेड के डिप्टी सीईओ फिरोज अज़ीज़ ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में वैल्यू इन्वेस्टिंग चर्चा में रहा है, और इसके अच्छे कारण भी हैं. निवेशकों को एहसास हो गया है कि कम वैल्यूएशन पर मौलिक रूप से मजबूत स्टॉक खरीदना समय के साथ धन बनाने का एक स्मार्ट तरीका हो सकता है.”
वैल्यू फंडों में इस बढ़ती रुचि को उनके मजबूत ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जैसा कि निफ्टी 500 वैल्यू 50 इंडेक्स जैसे सूचकांकों में देखा गया है, जिसने 2024 में 20 प्रतिशत, 2023 में 62 प्रतिशत, 2022 में 23 प्रतिशत और 2021 में 54 प्रतिशत का रिटर्न दर्ज किया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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