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केंद्र सरकार जल्द देने वाली है आम आदमी को राहत! 12% जीएसटी की जगह अब लगेगा 5% GST

केंद्र सरकार जल्द ही देश का बैक बोन कहे जाने वाले मिडिल क्लास को बड़ी राहत दे सकती है. सूत्रों के मुताबिक सरकार जीएसटी स्लैब को बदलने पर विचार कर रही है. जिसमें जीएसटी रेट्स में कटौती भी शामिल है. अगर ऐसा होता है तो इससे मिडिल क्लास और लोअर इनकम ग्रुप को बड़ी राहत मिल सकती है. कहा जा रहा है कि सरकार 12 फीसदी के GST स्लैब को 5 फीसदी तक कर सकती है.

सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार ऐसे सामानों पर जीएसटी कम करने पर विचार कर रही है जो मिडिल क्लास और लोअर इनकम वाले घरों में डेली यूज में आते हैं. जिसपर सरकार अभी 12 फीसदी जीएसटी ले रही है. अब सरकार ऐसे सभी सामानों को या तो 5 फीसदी टैक्स स्लैब में डालने पर विचार कर रही है या फिर इनपर लगने वाले 12 फीसदी GST स्लैब को ही समाप्त कर सकती है. इनमें जूते-चप्पल से लेकर साबुन और डेयरी प्रोडक्ट भी शामिल हैं.

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GST के कितने स्लैब

2017 में लागू गुड्स एन्ड सर्विस टैक्स यानी GST के 4 स्लैब हैं. जो 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी है. इसी साल जीएसटी ने अपने 8 साल पूरे कर लिये. अब जीएसटी काउंसिल इसमें बदलाव की तैयारी कर रही है. गौरतलब है कि देश में जीएसटी की दरें जीएसटी काउंसिल तय करती है.

क्या क्या होगा सस्ता

अगर जीएसटी काउंसिल अपनी अगली बैठक (56वीं) में 12 फीसदी जीएसटी को 5 फीसदी कर देती है तो मिडिल क्लास के द्वारा रोजमर्रा यूज की कई चीजें सस्ती हो जाएंगी. 12 फीसदी जीएसटी स्लैब में मिठाई, दूध, टूथपेस्ट, साबुन, कपड़े जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं. जो सस्ते हो सकते हैं.

बता दें कि, जीएसटी में आम आदमी को राहत देने के संकेत सरकार ने पहले ही दे दिये हैं. बीते मार्च महीने में भी निर्मला सीतारमण ने जीएसटी रेट्स में कमी करने के संकेत दिये थे. अब उम्मीद है कि आने वाले समय में जीएसटी के दरों में कटौती करके आम आदमी को राहत दी जा सकती है.

– भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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