केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया.
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को कहा कि मोदी सरकार ने पिछले एक साल में बुनियादी ढांचे के विकास पर 11 ट्रिलियन रुपये खर्च किए हैं, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार इस मोर्चे पर सालाना केवल 2 ट्रिलियन रुपये खर्च करती थी.
हाल ही में पेश किए गए केंद्रीय बजट में किए गए विभिन्न प्रावधानों को उजागर करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बजट भारत को आत्मनिर्भर बनाएगा और इसका लक्ष्य 2047 तक इसे ‘विश्वगुरु’ (विश्व नेता) के रूप में स्थापित करना है. उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा कहा है कि वह हमारे देश में गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं को केवल चार जातियों के रूप में देखते हैं और यह बजट इन चार श्रेणियों पर केंद्रित है.” संचार मंत्री ने कहा, “पिछले एक साल में बुनियादी ढांचे पर 11 ट्रिलियन रुपये खर्च किए गए हैं. यूपीए इस मोर्चे पर केवल 2 ट्रिलियन रुपये खर्च करता था.”
उनके अनुसार, पिछले एक वर्ष में 2,031 किलोमीटर रेलवे लाइन बिछाई गई तथा 6,000 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया. उन्होंने कहा कि दूरसंचार क्षेत्र में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 10,700 गांवों में टावर लगाए गए हैं.
उन्होंने कहा, “पहले भारत में 90 प्रतिशत फोन आयात किए जाते थे. अब 90 प्रतिशत फोन भारत में बनाए जा रहे हैं और 1.28 ट्रिलियन रुपये की यूनिट निर्यात की जा रही हैं.” उन्होंने कहा कि वैश्विक विकास दर 3.2 प्रतिशत पर अटकी हुई है, जबकि भारत की 6.5 प्रतिशत है. उन्होंने कहा कि बैंकों पर गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) का बोझ था, जिसे कांग्रेस और यूपीए सरकार विरासत में छोड़ गई थी. उन्होंने कहा, “2014 में यह 11.5 प्रतिशत था, जो अब घटकर 2.6 प्रतिशत हो गया है.” उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने देश की वित्तीय स्थिति में सुधार किया है. भारत का निर्यात 600 अरब डॉलर तक पहुंच गया है और विदेशी मुद्रा भंडार 705 अरब डॉलर पर आ गया है. मंत्री ने कहा कि देश के पास पूरी दुनिया में चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार है. उन्होंने कहा, “कृषि क्षेत्र में 3.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और इसमें सबसे अधिक योगदान मध्य प्रदेश का है, जहां 6.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.”
सिंधिया ने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य है कि भारत 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाए.’’ उन्होंने कहा कि भारत अगले दो सालों में जर्मनी और जापान को पीछे छोड़ देगा. हमारा लक्ष्य 2028 तक 5 ट्रिलियन डॉलर और 2030 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है.
दुनिया में कहीं भी भारतीय डाक विभाग जैसा संस्थान नहीं मिलेगा, जिसमें 1.64 लाख डाकघर और चार लाख डाकिए हैं. उन्होंने कहा कि इन कार्यालयों को लॉजिस्टिक सेंटर में बदला जाएगा. उन्होंने कहा कि कई देशों के डाक विभागों का अध्ययन किया गया है. सिंधिया ने कहा कि डाक विभाग पार्सल और ई-कॉमर्स जैसी सेवाएं प्रदान करेगा. इसके साथ ही देश की 2.45 लाख ग्राम पंचायतों को भारतनेट से जोड़ा जा रहा है. अभी 2.12 लाख ग्राम पंचायतें जुड़ी हुई हैं और बाकी को भी इसी तरह जोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके लिए 1.39 ट्रिलियन रुपये की राशि आवंटित की गई है. भारतनेट देश की सभी ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है.सिंधिया के अनुसार, बजट से मध्यम वर्ग को राहत मिली है क्योंकि 12 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों को आयकर नहीं देना होगा.
-भारत एक्सप्रेस
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