पुराना स्टॉक किस कीमत पर मिलेगा?
New GST rates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को अपने संबोधन में देश को बड़े उपहार का ऐलान किया. कुछ दिनों तक तो चर्चा चलती रही कि आखिर सरकार क्या करने वाली है? हालांकि, संसय ज्यादा दिनों तक नहीं चला. GST काउंसिल की बैठक हुई और तय हो गया कि सरकार कई सामानों पर टैक्स कम (GST rate change) करने वाली है. यानी GST रिफॉर्म होने वाले हैं. तीन दिनों की बैठक में इसपर मुहर लगी और तय हो गया कि नवरात्री के पहले दिन यानी 22 सितंबर से लोगों को सेवाओं और उत्पादों पर कम टैक्स देना होगा. हालांकि, इसके बाद भी एक सवाल बना रहा कि पहले से जो सामान मार्केट में है वह किस दर पर मिलेगा?
एक देश एक कर यानी GST लागू होने के बाद अब तक का सबसे बड़ा रिफॉर्म सरकार ने लागू किया है. फैसला आने के बाद से अब तक सभी लोगों इससे संबंधित खबरों को इतना पढ़ा है कि हर सामान पर लागू दर मानो रट गई है. क्योंकि, तंबाकू, शराब और लग्जरी आइटम को छोड़कर ज्यादातर चीजों से टैक्स कम ही किया गया है. हालांकि, इसके साथ सवाल खड़ा हो गया कि पुराने स्टॉक का क्या होगा?
जब देश के सामने फैसला आया तभी सरकार ने साफ कर दिया था कि कम हुई दरों का सीधा फायदा जनता को देना होगा. इसी कारण पहले दिन से ही कंपनियां इस दिशा में काम करने लगीं थी. 12,13 सितंबर को नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी ने सभी दवा कंपनियों को आदेश दिया था कि आपको दवाओं, फॉर्मुलेशन और मेडिकल डिवाइसेज की MRP अपडेट करना होगा और इसका फायदा ग्राहकों (GST benefits for consumers) को देना होगा.
सरकार ने भी साफ किया है कि पुराने स्टॉक पर भले ही MRP ज्यादा हो, लेकिन ये सामान भी नए रेट के हिसाब से ही बेचा जाएगा. ग्राहकों को घटाई गई GST दरों का फायदा देना होगा. मतलब साफ है कि 22 सितंबर से जिस सामान का जो रेट होगा उसी रेट में पुराने स्टॉक का सामान दिया जाएगा. अगर कोई दुकानदार सरकार के इन निर्देशों का पालन नहीं करता है कि उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. इस कारण आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. बस एक बार जो सामान आपको लेना है उसकी वास्तविक कीमत घर से चेक करके बाजार जाएं.
अगर दुकानदार GST दर कटौती का फायदा ग्राहकों को नहीं देते हैं, तो आप इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. दोषी दुकानदारों को जुर्माना या जेल की सजा भी हो सकती है. शिकायत करने के लिए आप नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन: 1800-11-4000 पर कॉल कर सकते हैं. इसके अलावा CBIC की GST हेल्पलाइन: 1800-1200-232 के साथ ही नेशनल एंटी प्रॉफिटियरिंग अथॉरिटी की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं. इसके लिए आपको बिल की कॉपी, दुकानदार का नाम और पता देना होगा.
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