पाकिस्तान की आम जनता जहां महंगाई, बेरोजगारी और दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रही है वहीं प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) की शाही ठाठ-बाट पर अब सवाल उठने लगे हैं. सोशल मीडिया से लेकर पाकिस्तानी मीडिया तक बहस छिड़ी है कि जब देश IMF के कर्ज पर टिका है तब क्या पीएम को करोड़ों के लग्जरी जेट में घूमना चाहिए?
मामला एयरबस A-1102 से जुड़ा है जिसे मई 2022 में एयर एम्बुलेंस के तौर पर खरीदा गया था. इसका मकसद आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और मानवता की मदद करना था. लेकिन अब यही विमान पूरी तरह से VIP इस्तेमाल के लिए बदल दिया गया है. इसमें प्राइवेट बेडरूम, हाई-टेक लाउंज और अत्याधुनिक संचार सिस्टम लगा दिए गए हैं. एक रिपोर्ट्स कि माने तो एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्दू ने इस बदलाव को मंजूरी दी और कहा जा रहा है कि ये सब शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) की निजी पसंद के अनुसार हुआ.
पहले पीएम (Shehbaz Sharif) गल्फस्ट्रीम जेट J-756 का इस्तेमाल करते थे लेकिन अब A-1102 को यूके, अमेरिका और सऊदी अरब जैसे देशों की यात्राओं के लिए रिज़र्व कर दिया गया है. सूत्रों की मानें तो एयर चीफ मार्शल का कार्यकाल बढ़ाने के बदले में यह रिटर्न गिफ्ट दिया गया.
इस बीच देश की हालत बेहद खराब है. लाखों लोग भूख से जूझ रहे हैं, बच्चों में कुपोषण बढ़ रहा है और महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है. ऐसे में पीएम का लग्जरी जेट में उड़ना जनता को बिल्कुल रास नहीं आ रहा है.
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विपक्ष और आम लोग इस फैसले पर नाराज हैं. सवाल उठ रहे हैं कि जब देश के पास दवाइयों और बच्चों के दूध तक के लिए पैसे नहीं हैं तो क्या ऐसे खर्च सत्ता में बैठे लोगों को ये नहीं दिखता है?
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-भारत एक्सप्रेस
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